दुर्गम मोर्चों के गुमनाम योद्धाओं को भारतीय सेना प्रमुख ने किया सम्मानित
ऑपरेशन के दौरान दिया उल्लेखनीय योगदान
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने शुक्रवार को देश के सबसे कठिन और दुर्गम तैनाती क्षेत्रों में ऑपरेशनों के दौरान उल्लेखनीय योगदान देने के लिए दो बैक्ट्रियन ऊंटों, दो जांस्करी टट्टुओं और दो आर्मी डॉग्स को सेना के सीओएएस कमेंडेशन कार्ड के विशेष सम्मान से सम्मानित किया।
सम्मानित मूक योद्धाओं में शामिल हैं
- बैक्ट्रियन ऊंट – जो गलवान और नुब्रा में तैनात थे।
- दो जांस्करी टट्टू – सियाचिन सीमा पर तैनात।
- दो आर्मी डॉग्स – जैडी (बेल्जियन शेफर्ड) और डिस्को (लैब्राडोर)।
लद्दाख के ठंडे रेगिस्तानी इलाकों में तैनात बैक्ट्रियन ऊंटों ने बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सेना की लॉजिस्टिक जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाई। दुर्गम रास्तों, खड़ी ढलानों और अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी सामान ढोने में ये ऊंट भारतीय सेना के लिए भरोसेमंद सहायक साबित हुए।
वहीं, देसी और लुप्तप्राय नस्ल के जांस्करी टट्टुओं ने सियाचिन ग्लेशियर की बर्फीली ऊंचाइयों और अग्रिम चौकियों तक सैनिकों के साथ लगातार सेवा दी। कठिन मौसम और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों में इन टट्टुओं की सहनशक्ति और अनुकूलन क्षमता ने सेना के अभियानों को मजबूती प्रदान की।