भोपाल छोड़कर भागने से नहीं बचेगा बिजली बिल, 57 हजार बकायादार रडार पर

Update: 2026-01-31 03:49 GMT

अगर आप पर बिजली बिल का बकाया है और आप शहर या राज्य छोड़कर जाने का सोच रहे हैं, तो आप बिजली कंपनी से नहीं बच सकेंगे। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने पुराने और बड़े बकायादारों पर शिकंजा कसते हुए डिजिटल निगरानी, मुखबिर तंत्र और बैंकिंग समन्वय के जरिए सख्त वसूली अभियान शुरू कर दिया है। इसमें उपभोक्ता का सबसे पहले बैंक खाता सीज कर दिया जाएगा, ताकि वह किसी भी तरह का लेन-देन न कर सकें।

बिजली कंपनी ने हाईटेक कार्रवाई के तहत अब तक लगभग 57 हजार ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान कर ली है, जिन्होंने भोपाल छोड़ दिया है, लेकिन लाखों रुपये का बकाया बिजली बिल जमा नहीं किया है। भोपाल में सबसे अधिक बिजली बकायादार उत्तर और पूर्व संभाग के इलाकों में हैं। वसूली के लिए कंपनी ने पहली बार आईटी प्रोफेशनल्स की एक विशेष टीम बनाई है, जो पुराने कनेक्शन, आधार-पैन लिंक, मोबाइल नंबर, बैंक खातों और भुगतान इतिहास का विश्लेषण कर रही है।

डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि उपभोक्ता वर्तमान में किस शहर, किस राज्य में हैं और किन बैंक खातों से जुड़े हुए हैं। साथ ही मुखबिर तंत्र के माध्यम से यह जानकारी भी जुटाई जा रही है कि कहीं बकायादार किसी अन्य पते पर नया बिजली कनेक्शन तो नहीं चला रहे हैं।

ये हुई कार्रवाई

मुंबई शिफ्ट हुई एक बकायादार का खाता सीज, सिटी सर्किल के जनरल मैनेजर प्रदीप सिंह चौहान ने बताया कि अब बिजली बिल की वसूली सिर्फ मीटर तक सीमित नहीं है। डिजिटल ट्रैकिंग और बैंकिंग समन्वय के जरिए उपभोक्ता चाहे देश के किसी भी कोने में हों, उनसे बकाया वसूला जाएगा। शहर छोड़ देने से जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। बकायादार स्वयं आगे आकर भुगतान करें, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

वेतन अटैचमेंट की कार्रवाई की भी तैयारी

अभियान के तहत जिन उपभोक्ताओं पर लंबे समय से भारी बकाया है, उनके खिलाफ बैंक खाते फ्रीज कराना, वेतन अटैचमेंट और कानूनी नोटिस जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, कई मामलों में बकाया राशि ब्याज और पेनल्टी जोड़ने के बाद लाखों रुपये तक पहुंच चुकी है।

कंपनी ने भोपाल छोड़कर मुंबई शिफ्ट हुई एक महिला उपभोक्ता का करीब 1.5 लाख रुपये से अधिक का बिजली बिल वसूलने के लिए उसके मुंबई स्थित बैंक खाते को सीज करा दिया। खाते से लेन-देन बंद होने की सूचना मिलते ही महिला भोपाल पहुंची और बकाया बिल जमा कराया। इसके बाद ही उसके बैंक खाते से लेन-देन दोबारा शुरू हो सका।

भोपाल सिटी सर्किल के उत्तर और पूर्व संभाग में बकायादारों की संख्या सबसे अधिक है। कंपनी नौकरीपेशा उपभोक्ताओं के मामलों में उनके विभागों से संपर्क कर वेतन अटैचमेंट जैसी कार्रवाई की तैयारी भी कर रही है।

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