शहर तय करेंगे भारत की ग्रोथ, भोपाल को चाहिए विशेष पुनर्निर्माण पैकेज: क्रेडाई

क्रेडाई भोपाल ने बजट 2026 से शहरी विकास, रियल एस्टेट और भोपाल के लिए कैपिटल रिडेवलपमेंट पैकेज की मांग की।

Update: 2026-01-30 16:30 GMT

भोपाल। देश की आर्थिक दिशा अब गांवों से निकलकर सीधे शहरों की कार्यक्षमता पर आ टिकती दिख रही है। इसी पृष्ठभूमि में क्रेडाई भोपाल ने कहा है कि आने वाले बजट में शहरी विकास को सिर्फ कवरेज तक सीमित न रखा जाए, बल्कि क्वालिटी, रिडेवलपमेंट और गवर्नेंस क्षमता को केंद्र में रखा जाए। क्रेडाई का मानना है कि भारत की अगली ग्रोथ स्टोरी शहर लिखेंगे।

आर्थिक सर्वेक्षण के संकेत

क्रेडाई भोपाल ने अपने बयान में आर्थिक सर्वेक्षण के उन बिंदुओं की ओर ध्यान दिलाया है, जो शहरी भारत के भविष्य की तस्वीर साफ करते हैं। सर्वेक्षण बताता है कि घर खरीदने में औपचारिक वित्त की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है। मार्च 2025 तक व्यक्तिगत हाउसिंग लोन का आकार 37 लाख रुपए करोड़ से ज्यादा पहुंच चुका है, यह अपने आप में बड़ा संकेत है।

वहीं किफायती आवास को लेकर पीएमएवाई (शहरी) के तहत 1.22 करोड़ से अधिक घरों की स्वीकृति सरकार के प्रयासों को दिखाती है। लेकिन सर्वेक्षण यह भी कहता है कि आने वाले 15 वर्षों में शहरी ढांचे के लिए करीब 840 अरब डॉलर के निवेश की जरूरत होगी, और यहां सिर्फ विस्तार नहीं, सिस्टम की गुणवत्ता अहम होगी।

बजट से भोपाल की सीधी अपेक्षाएं

क्रेडाई भोपाल की पहली और सबसे अहम मांग है कि बजट में घोषित “अर्बन चैलेंज फंड” को इस बार जमीन पर उतारा जाए। संगठन चाहता है कि राजधानी भोपाल के लिए इसके भीतर एक अलग “कैपिटल रिडेवलपमेंट पैकेज” की स्पष्ट व्यवस्था की जाए। क्रेडाई का तर्क है कि राजधानी होने के कारण भोपाल पर प्रशासनिक, संस्थागत और जनसंख्या का दबाव ज्यादा है, लेकिन इसके बावजूद शहर का व्यापक पुनर्विकास वर्षों से लंबित है। ऐसे में भोपाल को अलग प्राथमिकता मिलना चाहिए।

नॉलेज और AI सिटी को मिले केंद्रीय समर्थन

दूसरी बड़ी अपेक्षा राज्य सरकार द्वारा घोषित नॉलेज एंड एआई सिटी को लेकर है। क्रेडाई भोपाल का कहना है कि इस परियोजना को केंद्र सरकार के राष्ट्रीय AI मिशन से जोड़ा जाना चाहिए, ताकि यह सिर्फ एक स्थानीय परियोजना न रहकर राष्ट्रीय महत्व का हब बन सके। संगठन ने यह भी सुझाव दिया कि भौगोलिक रूप से देश के केंद्र में स्थित भोपाल को लॉजिस्टिक्स और नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन से जोड़ा जाए। इससे न सिर्फ निवेश बढ़ेगा बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

क्यों जरूरी है भोपाल के लिए विशेष रिडेवलपमेंट पैकेज

भोपाल भले ही देश के मध्य में स्थित एक खूबसूरत राजधानी हो, लेकिन 1984 की औद्योगिक त्रासदी के बाद यह शहर लंबे समय तक ठहराव और अवसर-हानि के दौर से गुजरा। क्रेडाई का कहना है कि अब भोपाल को सिर्फ नई इमारतों से नहीं, बल्कि एक समग्र पुनर्निर्माण पैकेज से आगे ले जाने की जरूरत है।


 


मनोज मीक 

‘दफ्तरों का शहर नहीं, नवाचार का शहर’

क्रेडाई भोपाल के अध्यक्ष और ‘कमाल का भोपाल’ अभियान के फाउंडर मनोज मीक ने कहा कि भारत की ग्रोथ का अगला इंजन शहर हैं, और भोपाल जैसी राजधानी को अब ठहराव नहीं बल्कि रिडेवलपमेंट और नई अर्थव्यवस्था का मौका देने वाला बजट चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि भोपाल के लिए यह सिर्फ विकास का मुद्दा नहीं है, बल्कि राजधानी की विश्वसनीयता, निवेश आकर्षण, रोजगार सृजन और नागरिक जीवन की गुणवत्ता से जुड़ा सवाल है। 

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