पर्यावरण नियम तोड़कर हो रहा खनन? इस नंबर पर करें शिकायत, तुरंत होगा समाधान

मध्य प्रदेश में अवैध खनन रोकने के लिए सरपंचों को निगरानी की जिम्मेदारी, सीधे शिकायत का विकल्प दिया गया।

Update: 2026-01-28 14:12 GMT

भोपाल। मध्य प्रदेश में अवैध खनन मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। कई नदियों के पास रेत का अवैध खनन किया जा रहा है तो कही जमीन और पहाड़ों को खोदा जा रहा है। इसके चलते नियमों को तोड़ने के साथ पर्यावरण की अनदेखी भी हो रही है। ऐसे में अवैध खनन को रोकना और माफिया के खिलाफ कार्रवाई करना जरूरी हो गया है।

पर्यावरण संरक्षण को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। अब पर्यावरण नियमों की निगरानी सिर्फ सरकारी अमले तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गांवों से सीधे शिकायतें दर्ज की जाएंगी। मप्र स्टेट एनवायरमेंट इंपैक्ट एसेसमेंट अथॉरिटी (MPSEIAA) के अध्यक्ष शिवनारायण सिंह चौहान ने प्रदेश के करीब 23 हजार सरपंचों को पत्र लिखकर इस मुहिम में भागीदारी की अपील की है।

अवैध खनन की सीधे सिया को दें जानकारी

अपने पत्र में सिया अध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी गांव या आसपास के क्षेत्र में खनन या अन्य गतिविधियों के दौरान पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन हो रहा है, तो उसकी जानकारी सीधे सिया को दी जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधि सबसे बेहतर तरीके से यह पहचान सकते हैं कि कहां नियमों की अनदेखी हो रही है और कहां प्रकृति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

शिकायत से पहले इन बिंदुओं की करें जांच

सिया ने सरपंचों से यह भी आग्रह किया है कि शिकायत भेजने से पहले कुछ जरूरी बिंदुओं की जांच जरूर करें। जैसे- क्या खदान के चारों ओर 7.5 मीटर यानी 25 फीट का बैरियर जोन छोड़ा गया है या नहीं। बैरियर जोन में नियमानुसार पौधरोपण किया गया है या फिर उसी क्षेत्र में खनन कर दिया गया है। इसके अलावा यह भी देखा जाए कि कहीं पानी के भीतर भारी मशीनों या पनडुब्बी के जरिए अवैध रेत खनन तो नहीं किया जा रहा।

अथॉरिटी ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिना पर्यावरणीय स्वीकृति के हो रहा कोई भी खनन गंभीर उल्लंघन की श्रेणी में आता है। ऐसी गतिविधियों की जानकारी मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नियमों के उल्लंघन पर ऐसे करें शिकायत

शिकायत दर्ज कराने के लिए सरपंच या ग्रामीण कलेक्टर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और सिया को लिखित रूप में जानकारी दे सकते हैं। शिकायत में अपना नाम, नियम तोड़ने वाले व्यक्ति या संस्था का विवरण, खदान या खनिज का नाम, सटीक लोकेशन और नियम उल्लंघन का तरीका स्पष्ट रूप से लिखना जरूरी होगा।

इसके अलावा सिया ने डिजिटल माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी दी है। शिकायतें chairmanmpseiaa@gmail.com

या mpseiaa@gmail.com पर ई-मेल के जरिए भेजी जा सकती हैं। वहीं, 7000851378 नंबर पर वॉट्सएप के माध्यम से भी जानकारी साझा की जा सकती है। सरकार का मानना है कि इस पहल से अवैध खनन पर लगाम लगेगी और पर्यावरण संरक्षण को नई मजबूती मिलेगी।

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