MP में ADG का मदरसे में कुरान के साथ गीता पढ़ाने की सलाह, बयान के बाद मचा विवाद

सीहोर के मदरसे में एडीजी ने कुरान के साथ गीता पढ़ाने की सलाह दी। उनके बयान से सियासी घमासान मचा। बीजेपी का समर्थन तो कांग्रेस हमलावर।

Update: 2026-01-28 11:34 GMT

सीहोरः राजधानी भोपाल के नजदीक सीहोर जिले के ग्राम दोराहा स्थित मदरसा इस्लामिया मदीन अतुल उलूम में गणतंत्र दिवस के मौके पर आपसी सद्भाव का संदेश देने वाली एक अनूठी पहल देखने को मिली। इस अवसर पर एडीजी ट्रेनिंग राजाबाबू सिंह ने ऑनलाइन संबोधन के जरिए विद्यार्थियों से कुरान के साथ-साथ भगवद् गीता को पढ़ने और समझने की अपील की।

एडीजी राजाबाबू सिंह ने गीता के कर्मयोग अध्याय की व्याख्या करते हुए कहा कि जैसे कुरान जीवन को सही दिशा दिखाती है, वैसे ही भगवद् गीता कर्म, कर्तव्य और नैतिक मूल्यों की शिक्षा देती है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को अलग-अलग धर्मग्रंथों की जानकारी दी जाए, तो उनमें सकारात्मक सोच विकसित होती है और वे जिम्मेदार नागरिक बनते हैं।

पर्यावरण संरक्षण का संदेश

इस दौरान मदरसे के विद्यार्थियों ने एक साथ बैठकर कर्मयोग अध्याय पर चर्चा की। एडीजी ने बच्चों से पर्यावरण संरक्षण की अपील करते हुए अधिक से अधिक पेड़ लगाने का संदेश भी दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के विजन का जिक्र करते हुए सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता पर जोर दिया।

मदरसा संचालकों की आपत्ति

हालांकि, एडीजी के इस सुझाव पर मदरसा संचालकों की ओर से आपत्ति भी सामने आई। मदरसा प्रबंधन का कहना है कि किसी भी धार्मिक ग्रंथ को पढ़ाने से पहले उसका स्वयं पालन करना जरूरी है। एक संचालक ने कहा कि पहले वह स्वयं गीता के सिद्धांतों को अपनाएंगे, उसके बाद ही बच्चों को इसके बारे में पढ़ाने पर विचार करेंगे।

बीजेपी नेता ने बयान का किया समर्थन

भाजपा की ओर से विधायक रामेश्वर शर्मा ने एडीजी के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जब मदरसों में हिंदू बच्चों को बुलाकर उर्दू सिखाई जा सकती है, तो भगवद् गीता पढ़ाने पर आपत्ति क्यों। उन्होंने इसे आपसी सद्भाव और सांस्कृतिक समन्वय की दिशा में सकारात्मक कदम बताया।

दूसरी ओर, कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लेकर सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता अब्बास हफीज ने कहा कि एडीजी को मदरसों की चिंता छोड़कर कानून-व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। वहीं, कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि अगर सरकार धार्मिक ग्रंथ पढ़ाने की बात कर रही है, तो सभी धर्मों के ग्रंथ हर शैक्षणिक संस्थान में पढ़ाए जाने चाहिए। उन्होंने इसे चयनात्मक और राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित बताया।

पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में गीता और रामचरित मानस पाठ का आयोजन

गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब एडीजी राजाबाबू सिंह भगवद् गीता को लेकर चर्चा में आए हों। इससे पहले भी वह तब सुर्खियों में रहे थे, जब उन्होंने मध्य प्रदेश के सभी पुलिस ट्रेनिंग स्कूलों में रंगरूटों के लिए भगवद् गीता और रामचरितमानस के पाठ आयोजित करने के निर्देश दिए थे।

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