बालाघाट में बच्चों को पत्तों में परोसा मिड डे मील, इंचार्ज हेड मास्टर सस्पेंड
बालाघाट जिले के शासकीय प्राथमिक शाला मेंढरा में बच्चों को पत्तों में मिड डे मील परोसने का मामला सामने आया। कलेक्टर ने हेड मास्टर को निलंबित किया।
बालाघाटः मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के किरनापुर विकासखंड की शासकीय प्राथमिक शाला से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां बच्चों को केले के पत्तों में मध्यान्ह भोजन ( मिडडे मील) परोसा गया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। कलेक्टर मृणाल मीणा ने मामले में कार्रवाई करते हुए प्रभारी प्रधानपाठक सूर्यकांत कालबेले को सरकारी जिम्मेदारियों में लापरवाही और अनुशासनहीनता का दोषी मानकर तत्काल निलंबित कर दिया है। वहीं, उनके निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय शासकीय प्राथमिक शाला छतरपुर, विकासखंड बैहर निर्धारित किया गया है।
दरअसल, यह मामला तब सुर्खियों में आया जब स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को केले के पत्तों में मिड डे मील परोसा गया। और किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। वीडियो के वायरल होते ही प्रशासन के साथ शिक्षा विभाग की किरकिरी हुई।
जांच में सही निकला वीडियो
वायरल वीडियो को शुरुआत में प्रशासन ने भ्रामक बताया था। हालांकि जांच में पता चला कि बच्चों को सचमुच पत्तों में ही भोजन दिया गया। स्कूल में थाली और बर्तन खरीदने के लिए लगभग 3 हजार रुपये की राशि उपलब्ध थी, लेकिन इसका उपयोग नहीं किया गया और इस बात की जानकारी भी उच्च अधिकारियों को नहीं दी गई। यह पूरी घटना मध्याह्न भोजन योजना के नियमों का उल्लंघन मानी गई है।
हेड मास्टर ने कबूली पत्तों में देने की बात
जब बीआरसी और बीईओ किरनापुर ने मामले को लेकर विद्यालय में जांच की तो प्रभारी हेड मास्टर सूर्यकांत कालबेले ने खुद स्वीकार किया विद्यार्थियों को पत्तों में ही मध्यान्ह भोजन परोसा गया था। इसके बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी हुआ। हालांकि उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद निलंबन की कार्रवाई की गई।
कलेक्टर ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता बताते हुए अन्य सरकारी स्कूलों में भी मध्यान्ह भोजन व्यवस्था की समीक्षा का आदेश दिया है ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो। प्रशासन की इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।