मंडला नाम बदलने की खबर, आहट के बीच गोंगपा का बड़ा प्रदर्शन, प्रशासन का आया जवाब
मंडला का नाम बदलने की कथित योजना के खिलाफ गोंगपा का प्रदर्शन, आदिवासी अस्मिता और गोंडवाना पहचान बचाने की मांग पर प्रशासन का जवाब।
मंडलाः मध्य प्रदेश के मंडला जिले का नाम बदलकर ‘माहिष्मती नगरी’ किए जाने की चर्चाओं ने चौंकाने वाला मोड़ लिया। नाम बदलने के विरोध में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) सड़क पर उतर आई। मंगलवार को पार्टी कार्यकर्ताओं और आदिवासी समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल हुए बड़ी कार्यकर्ता और आदिवासी लोगों ने इसे गोंडवाना की ऐतिहासिक पहचान और आदिवासी अस्मिता पर सीधा हमला बताया।
गोंगपा नेताओं ने कहा कि मंडला सिर्फ एक भौगोलिक नाम नहीं, बल्कि गोंडवाना की ऐतिहासिक राजधानी और आदिवासी स्वाभिमान का प्रतीक है। इसे किसी विवादित या भ्रामक नाम से जोड़ने की कोशिश गोंडवाना के इतिहास को कमजोर करने की साजिश है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रशासन का जवाब आया सामने
लोगों का विवाद बढ़ने के बाद जिला प्रशासन ने नाम परिवर्तन की किसी भी योजना से इनकार किया है। जिला जनसंपर्क विभाग ने स्पष्ट किया कि शासन स्तर पर ऐसा कोई प्रस्ताव या निर्णय मौजूद नहीं है और कुछ बयानों को गलत संदर्भ में पेश कर भ्रम फैलाया गया है। हालांकि गोंगपा ने प्रशासन की सफाई पर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि बयान गलत थे, तो उसी समय उनका खंडन क्यों नहीं किया गया। आंदोलन के बाद सफाई आना संदेह को और गहरा करता है।
कब से शुरू हुआ विवाद
यह विवाद अक्टूबर में मंडला में आयोजित कलचुरी समाज के एक कार्यक्रम के बाद शुरू हुआ था। इसमें प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल और पीएचई मंत्री संपतिया उइके शामिल हुए थे। उनके बयानों के बाद नाम बदलने की चर्चाएं तेज हुईं, जो अब राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन गई हैं।
प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि मंडला की पहचान से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। भविष्य में नाम परिवर्तन को लेकर कोई कदम उठाया गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन अपने रुख पर कायम है, लेकिन आदिवासी संगठनों का विरोध जारी है।