खरगोन से सिकलीगर लाकर बिलौआ में लगाई हथियार फैक्ट्री, पकड़ी

एक तस्कर दबोचा, हथियार बनाने वाला व बेचने वाले फरार

Update: 2023-08-18 02:00 GMT

ग्वालियर, न.सं.। विधानसभा चुनाव से पहले जिले में हथियार की फैक्ट्री डालकर अवैध हथियार बनाने के गोरखधंधे का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए एक तस्कर को पकड़ लिया है। शहर में खरगोन से सिकलीगर को लाकर बेहतरीन पिस्टलें और कट्टे बनाए जा रहे थे। पुलिस को दबिश के दौरान अवैध हथियार और औजार मिले हैं जिनसे हथियार बनाए जा रहे थे। पुलिस को सिकलीगर और दो अन्य लोग चकमा देकर भागने में सफल हो गए हैं। पुलिस तस्कर से अभी तक किन किन लोगों को हथियार बेचें है पूछताछ कर रही है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेशसिंह चंदेल को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बिलौआ थाना क्षेत्र स्थित ग्राम रौरा आदर्शपुरा में अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री संचालित की जा रही है। सूचना मिलने पर एएसपी ऋषिकेश मीणा को तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया। बिलौआ थाना प्रभारी अभय प्रताप सिंह परमार अपराध शाखा की टीम को मौके पर भेजा गया। टीम ने एक घर में दबिश दी तो वहां पर अवैध हथियार और उनको बनाने के औजार रखे हुए थे। टीम ने घर से भागने का प्रयास कर रहे एक तस्कर को घेराबंदी कर दबोच लिया। पकड़े गए तस्कर की पहचान छोटू उर्फ छोटे उर्फ राजा पुत्र ब्रहमजीत गुर्जर निवासी रौरा के रुप में हुई। छोटू के घर में ही अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। छोटू ने खरगोन से ही दो सिकलीगर को अपने यहां पर हथियार बनाने के लिए बुला लिया था जो चोरी छिपे गांव में हथियार बना रहे थे। सिकलीगर कोकसिंह और उसका बेटा पुलिस के पहुंचने से पहले ही गांव से फरार हो गए। पुलिस को दबिश के दौरान घर से एक बंदूक, दो 32 बोर की पिस्टल और एक कट्टा बरामद हुआ। बिलौआ थाना प्रभारी अभयप्रताप सिंह परमार ने बताया कि छोटू का मामा भूरा गुर्जर निवासी उन्नाव रोड दतिया और किशन पाल निवासी महुआ दतिया अवैध हथियारों को बेचने का काम करते थे। पुलिस ने हथियारों को बरामद करने के बाद छोटू से पूछताछ प्रारंभ कर दी है।

खरगोन से लाते थे कच्चा माल

पिता पुत्र ने अभी हाल ही में खरगोन से आए थे और वहीं से कच्चा माल लेकर आते थे और गांव रौरा में अवैध हथियारों को बनाकर उन्हे शहर में सप्लाई दो लोगों के माध्यम से करते थे। छोटू के मामा भूरा गुर्जर ने ही पिता पुत्र को ग्वालियर बुलाया था। पुलिस उनके पकड़े जाने के बाद ही बता सकेगी कि वह सिकलीगरों के सम्पर्क में कैसे आए।

नए नवेली टीम से निकल गए पिता पुत्र

सूत्रों की माने तो बिलौआ पुलिस के हाथ सिकलीगर लग जाते लेकिन गांव की सरंचना और छोटू गुर्जर के बारे में जनकारी के अभाव में वह भागने में सफल हो गए। छोटू गुर्जर को भी बड़ी मुश्किल से घेराबंदी कर दबोचा है। नए नवेली टीम के कारण आरोपी पुलिस के हाथ से निकल गए।

किसको ठिकाने लगाए हथियार

उल्लेखनीय है कि भिंड के मानहड़ से हथियारोंं की बड़ी खेप ग्वालियर में आती थी लेकिन जब से स्थानीय बदमाशों को खरगोन की पिस्टलें पंसद आने लगी तो बड़ी मात्रा में वहां से खरीद फरोख्त का धंधा शुरु हो गया। अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि छोटू और उसकी टीम ने शहर में किस किसको अवैध पिस्टलें बेची हैं। 

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