ग्वालियर में अंबेडकर की तस्वीर जलाने पर हंगामा: कलेक्ट्रेट पर दलित संगठनों का धरना
ग्वालियर में अंबेडकर की तस्वीर जलाने पर बवाल, कलेक्ट्रेट पर दलित संगठनों का धरना, अनिल मिश्रा पर NSA लगाने की मांग।
ग्वालियर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर जलाने का मामला अब सियासी और सामाजिक तनाव का रूप लेता जा रहा है. घटना के बाद शहर में लगातार विरोध प्रदर्शन जारी हैं, एक तरफ पुलिस कार्रवाई में जुटी है, तो दूसरी ओर दलित संगठनों ने सड़कों पर उतरकर कड़ी कार्रवाई की मांग तेज कर दी है । विरोध प्रदर्शन और तनाव को देखते हुए कलेक्ट्रेट और आसपास के इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया है प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने की तैयारी में है ।
कलेक्ट्रेट पर धरना जारी
शुक्रवार को भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी सहित कई दलित संगठनों ने ग्वालियर कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि केवल एफआईआर दर्ज करना पर्याप्त नहीं है. धरना दे रहे संगठनों ने एडवोकेट अनिल मिश्रा पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाने की मांग की है, प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक एसएसपी धर्मवीर सिंह खुद मौके पर आकर उन्हें आश्वासन नहीं देंगे तब तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा .संगठनों ने यह भी कहा कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा । बहुजन समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष रवि गौतम ने भी आरोपियों पर NSA लगाने की मांग दोहराई है ।
आरोपियों की मेडिकल के बाद कोर्ट में पेशी
पुलिस ने एडवोकेट अनिल मिश्रा समेत चार आरोपियों को पुरानी छावनी थाने से मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया. मेडिकल के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया. पुलिस के अनुसार अनिल मिश्रा को गुरुवार रात उस वक्त हिरासत में लिया गया था, जब वह मुरैना में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हो रहे थे ।
क्या है पूरा मामला?
गुरुवार रात ग्वालियर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर जलाने और अपमानजनक नारेबाजी करने का वीडियो सामने आया था. इसके बाद शहर में आक्रोश फैल गया, इस मामले में साइबर सेल थाने में एडवोकेट अनिल मिश्रा समेत सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है फिलहाल चार आरोपी पुलिस हिरासत में हैं जबकि बाकी की तलाश जारी है ।