अब ट्रेनों में वेंडरों की ओवरचार्जिंग होगी खत्म, QR कोड से चेक करें कीमत
चलती ट्रेनों में रेल यात्रियों से खाने-पीने की चीज़ों के लिए वेंडरों द्वारा ओवरचार्जिंग की बढ़ती शिकायतों पर अब विराम लग जाएगा। इस समस्या को खत्म करने के लिए आईआरसीटीसी ने नई तकनीक का सहारा लिया है। नई व्यवस्था के तहत ट्रेनों में क्यूआर कोड आधारित सिस्टम शुरू किया गया है। इसके तहत यात्री अपने मोबाइल से इसे स्कैन करके तुरंत मेन्यू, उपलब्ध खाने की वस्तुएं और तय कीमतें देख सकेंगे। साथ ही इस क्यूआर कोड के माध्यम से डिजिटल भुगतान भी कर सकेंगे।
QR कोड से मिलेगा पूरा मेन्यू और कीमत
इसकी शुरुआत मुंबई से भोपाल, इटारसी होकर चलने वाली प्रीमियम ट्रेनों से की गई है। आईआरसीटीसी ने पहले चरण में देश भर की 250 ट्रेनों में इसे लागू किया है। इन ट्रेनों का संचालन सेंट्रल रेलवे मुंबई, वेस्टर्न रेलवे मुंबई और वेस्ट सेंट्रल रेलवे जबलपुर से होता है।
ट्रेन के भीतर नेवी ब्लू जैकेट में तैनात स्टाफ, वेंडर और ऑन-बोर्ड स्टाफ की वर्दी पर क्यूआर कोड अंकित रहेगा। यात्री अपने मोबाइल से इसे स्कैन करके तुरंत मेन्यू, उपलब्ध खाने की वस्तुएं और तय कीमतें देख सकेंगे।
वंदे भारत और राजधानी में नई व्यवस्था शुरू
आईआरसीटीसी ने वंदे भारत और राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में स्टाफ के लिए नेवी ब्लू जैकेट शुरू किए हैं, जिन पर क्यूआर कोड और हेल्पलाइन नंबर अंकित है।
आईआरसीटीसी के सूत्रों के अनुसार अन्य ट्रेनों में स्टाफ हल्के नीले रंग की टी-शर्ट पहनेंगे। सभी कर्मचारियों के पास क्यूआर कोड युक्त पहचान पत्र भी होगा, जिससे उनकी सेवा की प्रामाणिकता सुनिश्चित रहेगी।
यह सुविधा यात्रियों के लिए कार्ड, यूपीआई और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से भुगतान करना आसान बनाएगी। योजना को सेंट्रल रेलवे, वेस्ट सेंट्रल रेलवे और कोकण रेलवे में लागू किया गया है। कंपनी का कहना है कि पहले चरण में सफलता मिलने के बाद इसे देशभर की अन्य ट्रेनों और प्रमुख स्टेशनों तक फैलाने की योजना है।
इससे नकद लेनदेन की जरूरत भी कम हो जाएगी और यात्रियों को अब ओवरचार्जिंग की चिंता नहीं होगी।