ईपीएफओ का बड़ा प्लान: पेंशन 5 गुना बढ़ाने पर विचार
निजी क्षेत्र के कर्मचारियों की न्यूनतम मासिक पेंशन पर बड़ा फैसला
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) जल्द ही निजी क्षेत्र के कर्मचारियों की न्यूनतम मासिक पेंशन पर बड़ा फैसला ले सकता है। इसे 1,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये करने पर विचार हो रहा है। यह कदम बढ़ती महंगाई और जीवन यापन की लागत को देखते हुए उठाया जा रहा है ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बेहतर वित्तीय सुरक्षा मिल सके। इस
चाजी भविष्य निधि संद्ध
प्रस्ताव पर कर्मचारी संघों और पेंशनभोगियों के संगठनों ने पुरजोर समर्थन जताया है, उनका तर्क है कि वर्तमान पेंशन राशि बुनियादी घरेलू खचों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। हालांकि अंतिम निर्णय सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा। इसकी घोषणा जल्द ही नीतिगत चर्चाओं या केंद्रीय बजट के दौरान की जा सकती है।
कम से कम 10 साल की सेवा पूरी करना जरूरी
यह पेंशन इम्प्लॉयीज पेंशन स्कीम (ईपीएस-95) के तहत दी जाती है, जो ईपीएफओ प्रणाली का हिस्सा है। जो कर्मचारी अपने कामकाजी जीवन के दौरान ईपीएफ में योगदान रहें मिलेगा इस बढ़ी हुई पेंशन का लाभ
ईपीएफओ में रजिस्टर निजी क्षेत्र के कर्मचारी। वे सेवानिवृत जो ईपीएस सेवा पात्रता को पूरा करते हैं। वर्तमान पेंशनभोगी जिन्हें न्यूनतम पेंशन मिल अंतिम फैसला कब तक करते हैं, वे ईपीएस के लाभों के हकदार होते हैं। इसके लिए कम से कम 10 साल की सेवा पूरी करना जरूरी है। पेंशन का भुगतान आमतौर पर 58 साल की उम्र के बाद शुरू होता है, रही है। यह बदलाव लाखों रिटायर्ड की वित्तीय स्थिरता में सुधार कर सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जिनके पास आय का कोई अन्य स्रोत नहीं है।
इस प्रस्ताव की समीक्षा आगामी नीतिगत चर्चाओं या केंद्रीय बजट के दौरान की जा सकती है, जहां आमतौर पर सामाजिक सुरक्षा सुधारों पर चर्चा होती है। किसी भी बदलाव की औपचारिक घोषणा सरकार की मंजूरी के बाद ही की जाएगी। अन्य ईपीएफओ सुधारों पर भी चल रही चर्चा डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करके पीएफ निकासी को आसान बनाना। पेंशन भुगतान की प्रक्रिया को तेज करना। वरिष्ठ नागरिकों के लिए ईपीएफओ सेवाओं तक पहुंच में सुधार करना। इन उपायों का उद्देश्य सेवानिवृत्ति लाभों को अधिक सुलभ बनाना है।