भारतीय वायुसेना की बढ़ेगी ताकत: फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की तैयारी

Update: 2026-01-14 05:27 GMT

भारत अपनी वायुसेना को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। इसके तहत भारत, फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की तैयारी में है। यह प्रस्ताव इस हफ्ते रक्षा मंत्रालय की उच्च स्तरीय बैठक में रखा जाएगा। सौदे की कुल लागत लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये होने की संभावना है।

30 प्रतिशत स्वदेशी पुर्जों का इस्तेमाल

इन विमानों में से करीब 12–18 विमान तैयार हालत में वायुसेना को मिलेंगे, जबकि बाकी विमानों का निर्माण भारत में होगा। इनमें लगभग 30 प्रतिशत भारतीय सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा. भारत चाहता है कि इन विमानों में भारतीय हथियार और सिस्टम आसानी से जोड़े जा सकें। हालांकि, विमानों का सोर्स कोड केवल फ्रांस के पास रहेगा।

अंतरराष्ट्रीय विकल्प और प्राथमिकता

हालांकि अमेरिका और रूस ने भारत को अपने एफ-35 और एसयू-57 जैसे पांचवीं पीढ़ी के विमान ऑफर किए हैं, इसके बावजूद भारत ने राफेल को प्राथमिकता दी है। भारत के पास पहले से ही 36 राफेल हैं, और भारतीय नौसेना ने 26 राफेल का ऑर्डर भी दिया है। अगर यह नया सौदा मंजूर हो जाता है, तो भारत के पास कुल 176 राफेल विमान होंगे. लड़ाकू विमान को प्राथमिकता देने का सबसे बड़ा कारण उनका ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार प्रदर्शन रहा है।

भारत की बढ़ती ज़रूरत

दुनिया के कई देशों में जारी अशांति और क्षेत्र में बढ़ते खतरे को देखते हुए, भारत को अधिक लड़ाकू विमानों की आवश्यकता है. आने वाले वर्षों में भारतीय वायुसेना की ताकत मुख्य रूप से एसयू-30 एमकेआई, राफेल और भारतीय निर्मित विमानों पर निर्भर करेगी.

फिलहाल भारतीय वायुसेना ने इस सौदे का विवरण (एसओसी) तैयार कर इसे रक्षा मंत्रालय में भेजा है। मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद इसे कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) से अंतिम मंजूरी लेनी होगी.

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