फरवरी 2026 में ग्रहों की परेड: एक साथ दिखेंगे छह ग्रह, जानिए कब, कहां और कैसे देखें
फरवरी 2026 में आकाश में बुध से लेकर नेपच्यून तक छह ग्रह एक साथ दिखेंगे, जानिए देखने का सही समय और तरीका
आकाश प्रेमियों के लिए फरवरी 2026 का आख़िरी हफ्ता खास होने वाला है। इस दौरान एक दुर्लभ खगोलीय घटना देखने को मिलेगी, जब सौरमंडल के छह ग्रह एक ही हिस्से में पंक्तिबद्ध नज़र आएंगे। इस नज़ारे को आमतौर पर “ग्रहों की परेड” कहा जाता है, क्योंकि ग्रह मानो आकाश में एक लाइन में चलते हुए दिखाई देते हैं। अगर मौसम ने साथ दिया और आसमान साफ रहा, तो सूर्यास्त के बाद यह खगोलीय तमाशा खुली आंखों से भी देखा जा सकेगा। People.com और खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार, यह दृश्य अब से लेकर फरवरी के अंत तक देखने को मिलेगा।
कौन-कौन से ग्रह होंगे शामिल
इस ग्रहों की परेड में कुल छह ग्रह बुध, शुक्र, बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेपच्यून नजर आएंगे। इनमें से बुध, शुक्र, बृहस्पति और शनि को बिना किसी उपकरण के देखा जा सकता है, जबकि यूरेनस और नेपच्यून के लिए दूरबीन या टेलीस्कोप की जरूरत पड़ेगी।
देखने का सबसे अच्छा दिन और समय
नासा के अनुसार, इस घटना को देखने का सबसे अच्छा मौका शनिवार, 28 फरवरी 2026 को रहेगा। सूर्यास्त के तुरंत बाद ग्रह दिखने शुरू हो जाएंगे।
बुध और शुक्र सूर्यास्त के बाद पश्चिमी आकाश में थोड़ी देर के लिए दिखाई देंगे
शनि क्षितिज के पास, दक्षिण-पश्चिम दिशा में नजर आएगा
बृहस्पति देर शाम तक पूर्वी आकाश में चमकता रहेगा
उसी समय लगभग पूर्ण चंद्रमा भी आकाश में मौजूद रहेगा, जिससे दृश्य और भी आकर्षक हो जाएगा
ध्यान देने वाली बात यह है कि बुध और शुक्र जल्दी डूब जाते हैं, इसलिए सूर्यास्त के तुरंत बाद आकाश देखने की तैयारी कर लेनी चाहिए।
आकाश में कहां देखें
सूर्यास्त के बाद पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर देखें। यहां आपको सबसे पहले शुक्र दिखेगा, जो सबसे चमकीला ग्रह होगा। उसके ठीक ऊपर कुछ समय के लिए बुध नजर आएगा, और पास ही शनि दिखाई देगा। रात बढ़ने परपूर्व दिशा में ऊंचाई पर बृहस्पति चमकता हुआ दिखेगा। यूरेनस, बृहस्पति और शनि के बीच, प्लीएड्स तारामंडल के नीचे होगा, लेकिन इसे देखने के लिए दूरबीन जरूरी है। नेपच्यून, शनि के बहुत करीब रहेगा और इसके लिए भी दूरबीन की आवश्यकता होगी।
ग्रहों की परेड कैसे देखें
बेहतर अनुभव के लिए किसी खुले स्थान का चुनाव करें, जहां इमारतें या पेड़ दृश्य में बाधा न बनें। सूर्यास्त के तुरंत बाद पश्चिमी आकाश की ओर देखें। सबसे पहले शुक्र को पहचानें फिर उसके ऊपर बुध और पास में शनि को ढूंढें बृहस्पति पूर्व दिशा में आसानी से दिख जाएगा अगर आपके पास दूरबीन है, तो यूरेनस और नेपच्यून को भी खोजने की कोशिश करें। प्रकाश प्रदूषण इस बार ज्यादा समस्या नहीं बनेगा, लेकिन बादल इस पूरे नज़ारे का मज़ा खराब कर सकते हैं। इसलिए साफ आसमान होना बेहद जरूरी है।
क्यों खास है यह खगोलीय घटना
इस ग्रहों की परेड की खासियत यह है कि सभी ग्रह लगभग एक ही पथ, यानी क्रांतिवृत्त के आसपास दिखाई देंगे। ऐसा संयोग बार-बार नहीं बनता। समय और ग्रहों की स्थिति, दोनों ही लिहाज से इसे लगभग परफेक्ट माना जा रहा है। फरवरी 2026 का यह नज़ारा न सिर्फ खगोल विज्ञान के शौकीनों के लिए, बल्कि आम लोगों के लिए भी आकाश को नए नज़रिए से देखने का शानदार मौका है। बस एक साफ आसमान चाहिए, और थोड़ी-सी जिज्ञासा.