3 मंजिला इमारत अचानक ढही: कोटा के रेस्टोरेंट हादसे में स्टूडेंट समेत 2 की मौत
कोटा के तलवंडी इलाके में 3 मंजिला बिल्डिंग गिरने से बड़ा हादसा, रेस्टोरेंट में खाना खा रहे स्टूडेंट समेत 2 की मौत, कई घायल
राजस्थान के कोटा में शनिवार रात करीब 9 बजे ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसे लोग लंबे समय तक भूल नहीं पाएंगे। तलवंडी इलाके में एक 3 मंजिला बिल्डिंग अचानक भरभराकर नीचे गिर गई। नीचे ग्राउंड फ्लोर पर ‘दिल्ली’ नाम का रेस्टोरेंट चल रहा था, जहां लोग रोज़ की तरह खाना खा रहे थे, कोई ऑर्डर का इंतज़ार कर रहा था। तभी तेज धमाके जैसी आवाज आई और सब कुछ मलबे में बदल गया हादसे में एक कोचिंग स्टूडेंट समेत 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। 5 घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है।
मलबे में दबे लोगों की चीखें, दिखते रहे हाथ-पैर
इमारत गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू शुरू हुआ। हालात इतने भयावह थे कि मलबे के नीचे दबे लोग लगातार चिल्ला रहे थे, “हमें बचा लो”। किसी का हाथ बाहर दिख रहा था तो किसी का पैर, कई लोग वहीं खड़े रहकर कांपते हाथों से मलबा हटाने की कोशिश कर रहे थे। SDRF की टीम देर रात तक रेस्क्यू में जुटी रही। इसी दौरान बचाव कार्य में लगे एक कर्मचारी रॉकी डेनियल भी घायल हो गए। मृतक कोचिंग स्टूडेंट की पहचान पश्चिम बंगाल निवासी आर्यन (20) के रूप में हुई है। बताया गया कि वह कोटा में रहकर कोचिंग की तैयारी कर रहा था और हादसे के वक्त रेस्टोरेंट में मौजूद था।
रेस्टोरेंट मालिक समेत 13 लोग घायल
सीएमएचओ नरेंद्र नागर के अनुसार घायलों में सुदीता (30) निवासी कोटा, शालीन सुवास्या (25) निवासी कुन्हाड़ी, मोहम्मद जहांगीर (30) निवासी महावीर नगर, भूपेंद्र (40) निवासी रंगबाड़ी, पूरब मीणा (24) निवासी जय हिंद नगर बोरखेड़ा, नावेद (20) निवासी सुभाष नगर, मोहम्मद साबिर निवासी झारखंड सहित अन्य लोग शामिल हैं। रेस्टोरेंट मालिक भी हादसे में घायल हुए हैं। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां कुछ की हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शी बोले: पटाखे जैसी आवाज आई
घटना के समय आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि पहले तेज आवाज आई, जैसे पटाखे फूट रहे हों। कुछ सेकंड बाद पूरी बिल्डिंग नीचे आ गई। अंदर से लगातार बचाओ-बचाओ की आवाजें आ रही थीं, लेकिन धूल और मलबे के कारण कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इमारत के पीछे वाली बिल्डिंग में कई दिनों से निर्माण कार्य चल रहा था। रोज़ ड्रिल मशीन और हैमर चलते थे, जिससे पूरी इमारत में वाइब्रेशन महसूस होता था। आशंका जताई जा रही है कि इसी कारण बिल्डिंग कमजोर हो गई थी।
जेसीबी से हटाया गया मलबा, लोग भी जुटे रहे मदद में
एक तरफ जेसीबी से भारी मलबा हटाया जा रहा था, तो दूसरी ओर स्थानीय लोग और रेस्क्यू टीम हाथों से पत्थर हटाकर फंसे लोगों को निकालने में लगे थे। कई बार मलबे के नीचे दबे व्यक्ति का पैर या हाथ बाहर दिख जाता था, जिसे देखकर मौके पर मौजूद लोग सिहर उठते थे। जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया ने बताया कि हादसे के समय रेस्टोरेंट में ग्राहक और 12 से 15 कर्मचारी मौजूद थे। पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।