जयपुर में एयर इंडिया फ्लाइट की लैंडिंग फेलः रनवे छूते ही फिर उड़ा विमान, फ्लाइट में कांग्रेस प्रभारी

जयपुर एयरपोर्ट पर एयर इंडिया फ्लाइट की लैंडिंग फेल, रनवे छूते ही दोबारा उड़ा विमान। फ्लाइट में कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर रंधावा सवार थे।

Update: 2026-01-28 08:37 GMT

Air India 

जयपुर। बुधवार दोपहर एयरपोर्ट पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब पैसेंजर्स से भरे एयर इंडिया के विमान की लैंडिंग अचानक फेल हो गई। दिल्ली से जयपुर आ रही फ्लाइट AI-1719 ने रनवे को टच किया, लेकिन अगले ही पल विमान दोबारा हवा में उठ गया। फ्लाइट में कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा भी सवार थे । हालांकि 10 मिनट बाद पायलट ने दोबारा कोशिश की और इस बार विमान की सुरक्षित लैंडिंग करा ली गई।

एयर इंडिया की फ्लाइट AI-1719 ने बुधवार दोपहर करीब 1 बजकर 5 मिनट पर जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंडिंग का प्रयास किया। जैसे ही विमान रनवे के संपर्क में आया, पायलट ने अचानक विमान को दोबारा टेकऑफ की स्थिति में डाल दिया। विमान के दोबारा उड़ते ही केबिन में बैठे यात्रियों के बीच कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया। कई यात्रियों को समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या।

पायलट ने क्यों बदला आखिरी वक्त पर फैसला

एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक, लैंडिंग के वक्त विमान की अप्रोच पूरी तरह स्थिर नहीं थी। ऐसे हालात में पायलट ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ‘गो-अराउंड’ का फैसला लिया। पहले प्रयास के बाद विमान ने एयरपोर्ट के ऊपर कुछ देर तक गोल चक्कर लगाए। हालात सामान्य होने के बाद, करीब 10 मिनट बाद पायलट ने दोबारा लैंडिंग की कोशिश की।

दूसरे प्रयास में सुरक्षित लैंडिंग

दूसरे प्रयास में फ्लाइट AI-1719 की लैंडिंग पूरी तरह सफल रही। विमान करीब 1 बजकर 20 मिनट पर सुरक्षित रूप से रनवे पर उतरा। लैंडिंग के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। इसी फ्लाइट से कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा जयपुर पहुंचे थे। उनके स्वागत के लिए पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा भी एयरपोर्ट पर मौजूद रहे।

फ्लाइट में सवार थे कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी

सूत्रों के अनुसार, इस विमान में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा भी सवार थे। घटना के दौरान विमान में मौजूद यात्रियों में कुछ समय के लिए चिंता जरूर रही, हालांकि किसी तरह की चोट या तकनीकी नुकसान की सूचना नहीं है। एयरपोर्ट अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की स्थिति पूरी तरह सुरक्षा मानकों के दायरे में आती है। अगर पायलट को लैंडिंग सुरक्षित नहीं लगती, तो विमान को दोबारा हवा में उठाना एक सामान्य और जरूरी प्रक्रिया मानी जाती है।

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