गौरव गोगोई का मामला अब दिल्ली जाएगा, असम सरकार भेजेगी फाइल गृह मंत्रालय

Update: 2026-02-08 08:30 GMT

असम की राजनीति में शनिवार को फिर हलचल तेज हो गई। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने कांग्रेस सांसद और प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई के मामले को असम सरकार इसे गृह मंत्रालय भेजने की तैयारी में है। गिरफ्तारी क्यों नहीं हो रही, इस पर भी हिमंता ने खुलकर अपनी बात रखी।

मामला गृह मंत्रालय तक क्यों पहुंचा

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने कहा कि गौरव गोगोई से जुड़ा पूरा मामला अब असम पुलिस या राज्य सरकार के स्तर पर नहीं रह गया है। उन्होंने बताया कि SIT जांच ऐसे बिंदु पर पहुंच चुकी है, जहां इंटरपोल और केंद्र सरकार की मदद जरूरी हो गई है। हिमंता के मुताबिक “यह केस संवेदनशील है, इसमें अंतरराष्ट्रीय लिंक हैं, इसलिए हमने तय किया है कि इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपा जाए”



 पत्नी पर ISI लिंक का आरोप 

सीएम हिमंता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और उनकी पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न, पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के बेहद करीब रहे हैं। यही अली तौकीर शेख ISI से जुड़ा बताया जा रहा है। हिमंता का दावा है कि,

  • एक पाकिस्तानी फर्म ने एलिजाबेथ को नौकरी दी

  • बाद में उन्हें भारत ट्रांसफर कर दिया गया

  • सैलरी सीधे अली तौकीर शेख देता था

सीएम ने यह भी कहा कि एलिजाबेथ भारत से जुड़ी कई जानकारियां इकट्ठा करती थीं और उन्हें पाकिस्तान भेजा जाता था।


गिरफ्तारी पर चुनावी राजनीति का डर

प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिमंता ने यह भी स्पष्ट किया कि गौरव गोगोई को अभी गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा अगर हमने चुनाव से पहले गिरफ्तारी की, तो मुझ पर आरोप लगेगा कि मैं विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीति कर रहा हूं सीएम ने यह भी जोड़ा कि मौजूदा सांसद होने के नाते गौरव गोगोई की पद की गरिमा का सम्मान किया गया है, और इसलिए यह जिम्मेदारी अब केंद्र पर छोड़ी जा रही है।


CM हिमंता के 10 बड़े आरोप 

  1. एलिजाबेथ ने IB सूत्रों से क्लाइमेट एक्शन की जानकारियां जुटाईं

  2. चुनावी हलफनामे में पाकिस्तानी बैंक खाते की जानकारी नहीं दी गई

  3. FCRA नियमों को दरकिनार कर पेमेंट किया गया

  4. एलिजाबेथ छह बार इस्लामाबाद गईं, तीन बार NGO के जरिए

  5. पाकिस्तान यात्रा सिर्फ अटारी बॉर्डर से, कभी फ्लाइट से नहीं

  6. दिसंबर 2013 में गौरव चुपचाप पाकिस्तान गए

  7. वीजा लाहौर का, लेकिन पहुंचे इस्लामाबाद और कराची

  8. यात्रा की सूचना असम पुलिस को नहीं दी गई

  9. पाकिस्तान में 10 दिन तक डिजिटल साइलेंस

  10. लौटकर संसद में रक्षा और परमाणु संयंत्रों पर सवाल


इंटरपोल की जरूरत क्यों पड़ी

हिमंता सरमा ने कहा कि SIT जांच अब ऐसे मोड़ पर है, जहां बिना अंतरराष्ट्रीय सहयोग आगे बढ़ना संभव नहीं है। इंटरपोल से मदद, संसद और केंद्र सरकार से संवेदनशील सूचनाएं लेने की जरूरत है। इसी वजह से असम सरकार ने तय किया है कि पूरा मामला गृह मंत्रालय को सौंपा जाएगा, और वही आगे की एजेंसी तय करेगा। यह पहली बार नहीं है जब हिमंता ने गौरव गोगोई पर इस तरह के आरोप लगाए हों। जनवरी में भी उन्होंने दावा किया था कि गोगोई एक पाकिस्तानी एजेंट हैं, जिन्हें विदेशी ताकतों ने प्लांट किया। तब भी हिमंता ने कहा था कि उनके पास इसके सबूत हैं।

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