भारतीय रेलवे ने रेल यात्रियों को दी बड़ी राहत, 10 ट्रेनों से हटेगा सुपरफास्ट चार्ज
भारतीय रेलवे ने 10 सुपरफास्ट ट्रेनों को एक्सप्रेस श्रेणी में बदलने का फैसला किया है। इस बदलाव के चलते अब यात्रियों से अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया जाएगा।
नई दिल्लीः भारतीय रेलवे ने यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को मानते हुए बड़ा कदम उठाया है। रेलवे ने 10 प्रमुख सुपरफास्ट ट्रेनों को अब नियमित एक्सप्रेस श्रेणी में शामिल करने का फैसला किया है। इस बदलाव के बाद इन ट्रेनों में सफर करना सस्ता हो जाएगा और यात्रियों को सुपरफास्ट सरचार्ज नहीं देना पड़ेगा।
सुपरफास्ट के नाम पर अतिरिक्त किराया
रेलवे के मुताबिक जिन ट्रेनों को सुपरफास्ट का दर्जा दिया गया था, वे कई स्टेशनों पर ठहराव के कारण असल में एक्सप्रेस ट्रेनों जैसी ही गति से चल रही थीं। इसके बावजूद यात्रियों से अतिरिक्त सुपरफास्ट चार्ज लिया जा रहा था। अब किराए को तर्कसंगत बनाने के लिए इन ट्रेनों की श्रेणी बदली जा रही है।
13 से 16 अप्रैल के बीच लागू होगा बदलाव
यह नई व्यवस्था 13 अप्रैल से 16 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग तारीखों में लागू होगी। श्रेणी बदलने के साथ इन ट्रेनों के नंबर भी बदल दिए गए हैं। हालांकि, रूट और स्टॉपेज में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
विभूति और नेताजी एक्सप्रेस के बदले नंबर
प्रयागराज रामबाग से हावड़ा जाने वाली विभूति एक्सप्रेस (12334) अब 14 अप्रैल से 13048 नंबर से चलेगी। हावड़ा से प्रयागराज रामबाग वाली विभूति एक्सप्रेस (12333) का नंबर 13 अप्रैल से 13047 होगा।
इसी तरह हावड़ा-कालका नेताजी एक्सप्रेस (12311) 13 अप्रैल से 13051 और कालका-हावड़ा नेताजी एक्सप्रेस (12312) 15 अप्रैल से 13052 नंबर से संचालित होगी।
अब नहीं देना होगा सुपरफास्ट सरचार्ज
अब तक सुपरफास्ट ट्रेनों में जनरल, स्लीपर और एसी यात्रियों से अतिरिक्त शुल्क लिया जाता था। उदाहरण के तौर पर विभूति एक्सप्रेस में स्लीपर के लिए 30 रुपये और एसी क्लास में 45 रुपये अतिरिक्त देने पड़ते थे। सुपरफास्ट टैग हटते ही यह शुल्क पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
यात्रियों की मांग को मिली मंजूरी
यात्रियों का कहना था कि जब ट्रेनें दर्जनों स्टेशनों पर रुकती हैं और उनकी रफ्तार सुपरफास्ट मानकों के अनुरूप नहीं है, तो अतिरिक्त चार्ज लेना गलत है। रेलवे ने अब इस विसंगति को दूर करते हुए यात्रियों को सीधी आर्थिक राहत दी है।