'PM मोदी के साथ हो सकती थी अप्रत्याशित घटना, इसलिए...' ओम बिरला का बड़ा बयान

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का एक बड़ा बयान सामने आया है। जिसमें वह बोले है कि पीएम मोदी के साथ हो सकती थी अप्रत्याशित घटना। इसलिए लोकसभा नहीं आना का आग्रह किया

Update: 2026-02-05 11:08 GMT

लोकसभा में बजट सत्र के दौरान सदन में पीएम मोदी के संबोधन के बिना धन्यवाद प्रस्ताव पास हो गया। पीएम के संबोधन न होने की वजह को लेकर स्पीकर ओम बिरला का चौंकाने वाला बयान सामने आया है। ओम बिरला ने कहा- प्रधानमंत्री मोदी को कल कुछ भी हो सकता था। मैंने उनकी स्पीच टाली और लोकसभा न आने का आग्रह किया। 

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने गुरुवार को संसद में हुए हंगामे को लेकर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि बुधवार को लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कोई अप्रत्याशित और गंभीर घटना घट सकती थी। इसी आशंका के चलते उन्होंने स्वयं प्रधानमंत्री से उस दिन सदन में न आने का आग्रह किया था, जिसके बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर प्रस्तावित संबोधन टाल दिया गया।

विपक्ष की महिला सांसदों ने PM को घेरा

दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी को 4 फरवरी की शाम 5 बजे लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देना था। लेकिन उससे पहले ही विपक्ष की महिला सांसदों द्वारा किए गए हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। इस कारण प्रधानमंत्री का संबोधन अगले दिन के लिए टालना पड़ा।

इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ  

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि संसद के इतिहास में ऐसा दृश्य पहले कभी नहीं देखा गया। उन्होंने बताया कि जब प्रधानमंत्री सदन के नेता के रूप में अपनी बात रखने वाले थे, उसी समय विपक्षी सांसद प्रधानमंत्री की सीट तक पहुंच गए थे। यदि उस दौरान कोई अप्रत्याशित घटना होती, तो यह लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण होता। स्पीकर ने कहा, अगर उस समय कोई अप्रत्याशित घटना घट जाती, तो संसद की गरिमा और लोकतंत्र की मर्यादा को गहरा आघात पहुंचता। इसी कारण मैंने प्रधानमंत्री से सदन में न आने का आग्रह किया, जिसे उन्होंने स्वीकार किया।

पूरे देश ने देखा 

ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि पोस्टर और बैनर लेकर सदन चलाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस तरह महिला सांसद प्रधानमंत्री की सीट तक पहुंचीं, वह पूरे देश ने देखा है और यह व्यवहार न तो सदन की गरिमा के अनुरूप है और न ही संसदीय मर्यादाओं के अनुकूल।

पीएम के संबोधन से पहले क्या हुआ था?

बुधवार शाम 5 बजे जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष की महिला सांसदों ने सत्ताधारी दल के सांसदों की कुर्सियों का घेराव कर लिया। इस दौरान प्रधानमंत्री की निर्धारित सीट भी घेरे में आ गई। सांसदों के हाथों में बड़े-बड़े बैनर थे, जिन पर लिखा था “जो सही है, वही करो।” यह विरोध प्रदर्शन एक दिन पहले आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन के खिलाफ किया जा रहा था। मंगलवार को भी इसी मुद्दे पर सदन में भारी हंगामा हुआ था। स्थिति बिगड़ते देख स्पीकर ने कार्यवाही स्थगित कर दी। बाद में कुछ मंत्रियों के समझाने पर महिला सांसदों ने घेराव समाप्त किया।

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