रोजाना 20 मिनट संगीत सुनना दिमाग को सक्रिय रखने, याददाश्त मजबूत करने और तनाव कम करने में मदद कर सकता है। जानिए शोध क्या कहते हैं।
नई दिल्ली। बढ़ती उम्र के साथ डिमेंशिया, अल्जाइमर और अकेलेपन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में कई अंतरराष्ट्रीय शोधों ने संकेत दिया है कि संगीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि मस्तिष्क के लिए एक प्रभावी ‘नॉन-ड्रग थैरेपी’ भी हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि रोजाना 20 से 30 मिनट संगीत सुनना दिमाग को उसी तरह सक्रिय रखता है, जैसे शरीर के लिए नियमित व्यायाम जरूरी होता है।
संगीत सुनने से दिमाग के कई हिस्से होते हैं सक्रिय
वैज्ञानिकों के अनुसार संगीत सुनते समय केवल सुनने वाला भाग ही सक्रिय नहीं होता, बल्कि मस्तिष्क के कई महत्वपूर्ण केंद्र एक साथ काम करते हैं।
हिप्पोकैंपस (Hippocampus)
यह दिमाग का वह हिस्सा है जो याददाश्त और स्मृतियों को संभालता है। संगीत इसे सक्रिय बनाए रखने में मदद करता है।
अमिग्डाला (Amygdala)
भावनाओं को नियंत्रित करने वाला यह केंद्र संगीत के जरिए सकारात्मक प्रतिक्रिया देता है, जिससे तनाव और चिंता कम हो सकती है।
प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (Prefrontal Cortex)
निर्णय लेने, सोचने और व्यवहार नियंत्रित करने वाला हिस्सा भी संगीत से सक्रिय होता है।
बुजुर्गों के लिए क्यों फायदेमंद है संगीत?
1. याददाश्त को मजबूत करता है
विशेषज्ञों के अनुसार पुराने पसंदीदा गाने सुनने से दिमाग की स्मृति प्रणाली सक्रिय रहती है। डिमेंशिया और अल्जाइमर से पीड़ित मरीजों में भी संगीत पुरानी यादों को जागृत करने में सहायक पाया गया है।
2. डिप्रेशन और अकेलेपन को कम कर सकता है
संगीत सुनने या समूह में गाना गाने से डोपामाइन जैसे "फील-गुड" हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है। इससे मन प्रसन्न रहता है और अकेलेपन की भावना कम हो सकती है।
3. संतुलन और शारीरिक सक्रियता में मदद
संगीत की ताल पर गुनगुनाना, ताली बजाना या पैर हिलाना मस्तिष्क और शरीर के बीच बेहतर समन्वय विकसित कर सकता है। इससे गिरने का जोखिम कम हो सकता है।
4. बेहतर नींद में सहायक
रात में 15 से 20 मिनट हल्का और पसंदीदा संगीत सुनने से मन शांत होता है, जिससे नींद की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है।
दिनभर में कब सुनें संगीत?
| समय |
अवधि |
संभावित लाभ |
| सुबह |
20-30 मिनट |
ऊर्जा और सकारात्मकता |
| भोजन के समय |
10 मिनट |
तनाव कम करने में मदद |
| रात में |
15-20 मिनट |
बेहतर नींद और मानसिक शांति |
क्या कहता है शोध?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), हार्वर्ड मेडिकल स्कूल और यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन समेत कई संस्थानों के अध्ययनों में संगीत को मानसिक स्वास्थ्य और संज्ञानात्मक क्षमता बनाए रखने के लिए उपयोगी बताया गया है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि संगीत चिकित्सा किसी बीमारी का पूर्ण उपचार नहीं है, बल्कि अन्य उपचारों के साथ सहायक भूमिका निभा सकती है।
किन लोगों को सबसे अधिक फायदा हो सकता है?
- वरिष्ठ नागरिक
- डिमेंशिया या अल्जाइमर से प्रभावित मरीज
- तनाव और चिंता से जूझ रहे लोग
- अकेलापन महसूस करने वाले व्यक्ति
- नींद की समस्या वाले लोग