Breaking News
  • सूर्यकुमार की छुट्टी, श्रेयस टी20 के नए कप्तान, वैभव सूर्यवंशी की एंट्री
  • मानसून गोवा तक पहुंचा, MP-छत्तीसगढ़ देर से पहुंचने का अनुमान: केरलम में आज बारिश का रेड अलर्ट
  • गाजियाबाद में दूध व्यापारी की हत्या का आरोपी एनकाउंटर में अरेस्ट, 50 हजार का इनाम था
  • MP में 60Km/घंटा की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी, गुना-सीहोर समेत 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
  • ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी आज: स्वर्ण मंदिर के आसपास भारी पुलिस बल तैनात
  • दिल्ली: पुष्प विहार इलाके में मुठभेड़ के बाद तीन बदमाश गिरफ्तार
  • लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने अपनी सरकारी सुरक्षा को वापस किया

होम > प्रदेश

MP Child Policy for Jobs Reversed

MP में दो बच्चे या तीन? सरकारी नौकरी के नियम पर सरकार का यू-टर्न, फिर छिड़ी बहस

मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरी में दो बच्चों की पात्रता संबंधी पुराने नियम को नए मसौदे में बरकरार रखा है। तीन बच्चों वालों को राहत देने का फैसला फिलहाल अधर में।


mp में दो बच्चे या तीन सरकारी नौकरी के नियम पर सरकार का यू-टर्न फिर छिड़ी बहस

AI इमेज |

प्रमोद दुबे

मध्य प्रदेश सरकार के शासकीय सेवा नियमों को लेकर एक बार फिर भ्रम की स्थिति बन गई है। करीब दो महीने पहले राज्य मंत्रिमंडल ने सरकारी नौकरी में पात्रता के लिए लागू दो-बच्चों की शर्त को शिथिल कर तीन बच्चों वाले अभ्यर्थियों को भी पात्र बनाने का निर्णय लिया था। हालांकि अब सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा जारी नए मसौदे में वर्ष 2001 से लागू पुरानी व्यवस्था को ही बरकरार रखा गया है।इस घटनाक्रम ने सरकार के रुख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारी संगठनों और सामाजिक संगठनों के बीच भी इस विषय को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

2001 से लागू है दो बच्चों का नियम

मध्य प्रदेश में वर्ष 2001 में कांग्रेस सरकार के दौरान यह प्रावधान लागू किया गया था कि जिन अभ्यर्थियों की दो से अधिक जीवित संतान होंगी, वे शासकीय सेवा के लिए पात्र नहीं होंगे। यह नियम पिछले दो दशकों से लागू है और सरकारी भर्ती प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता रहा है।

कैबिनेट ने दिया था राहत का संकेत

करीब दो महीने पहले हुई मंत्रिमंडल की बैठक में संकेत मिले थे कि राज्य सरकार सेवा नियमों में संशोधन कर तीन बच्चों वाले अभ्यर्थियों को भी सरकारी नौकरी के लिए पात्र बनाने जा रही है। इस फैसले को कर्मचारी वर्ग और कई सामाजिक संगठनों ने सकारात्मक कदम बताया था।हालांकि इस निर्णय को अंतिम रूप नहीं मिल सका और अब नए मसौदे में पुरानी व्यवस्था को ही शामिल कर लिया गया है।

नए मसौदे में क्या है प्रावधान?

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा तैयार किए गए मसौदे के अनुसार, जिन उम्मीदवारों की दो से अधिक जीवित संतान हैं और जिनमें से किसी एक का जन्म 26 जनवरी 2001 या उसके बाद हुआ है, वे किसी भी शासकीय सेवा या पद पर नियुक्ति के पात्र नहीं होंगे।मसौदे में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी अभ्यर्थी की पहले से एक संतान है और 26 जनवरी 2001 के बाद एक ही प्रसव में दो या उससे अधिक बच्चों का जन्म होता है, तो उसे इस नियम से छूट मिलेगी।

सरकार के रुख पर उठ रहे सवाल

दो महीने पहले कैबिनेट स्तर पर नियमों में बदलाव के संकेत और अब पुराने प्रावधानों को बनाए रखने के प्रस्ताव ने सरकार के रुख को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल यह मसौदा सार्वजनिक सुझावों और आपत्तियों के लिए जारी किया गया है। अंतिम निर्णय राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना जारी होने के बाद ही प्रभावी होगा।

प्रमोद दुबे

Related to this topic: