PF निकालते समय कई कर्मचारियों के खाते से TDS कट जाता है। जानिए किन परिस्थितियों में टैक्स लगता है और कौन से आसान तरीके अपनाकर पूरा पैसा बचाया जा सकता है।
नौकरीपेशा लोगों के लिए PF सिर्फ बचत नहीं बल्कि मुश्किल समय का सहारा भी होता है। लेकिन जब जरूरत पड़ने पर कर्मचारी पैसा निकालने जाते हैं तो कई बार खाते में उम्मीद से कम रकम पहुंचती है। इसकी सबसे बड़ी वजह TDS कटना है। कई लोग नियमों की जानकारी न होने के कारण अपना ही पैसा टैक्स कटने के बाद निकालते हैं। खास बात यह है कि थोड़ी सावधानी रखकर इस कटौती से बचा जा सकता है। EPFO के नियम साफ कहते हैं कि नौकरी की अवधि, PF ट्रांसफर और जरूरी दस्तावेज सही होने पर कर्मचारी पूरा पैसा बिना TDS कटे निकाल सकते हैं।
कब PF निकासी पर कटता है TDS
अगर किसी कर्मचारी ने लगातार पांच साल की नौकरी पूरी नहीं की है और वह अपने EPF खाते से 50 हजार रुपये या उससे ज्यादा निकालता है, तो उस रकम पर TDS लगाया जा सकता है। पैन नंबर जमा होने की स्थिति में 10 फीसदी की दर से TDS कटता है। वहीं, अगर पैन अपडेट नहीं है तो कटौती और ज्यादा हो सकती है। इसलिए EPFO खाते में PAN लिंक रखना बेहद जरूरी माना जाता है।
हालांकि, पांच साल की लगातार सेवा पूरी होने पर EPF निकासी टैक्स फ्री मानी जाती है। इसमें अलग-अलग कंपनियों में की गई नौकरी की अवधि भी जोड़ी जा सकती है, लेकिन शर्त यह है कि पुराना PF अकाउंट नए अकाउंट में ट्रांसफर किया गया हो।
नौकरी बदलते समय सबसे बड़ी गलती यहीं होती है
कई कर्मचारी नई नौकरी मिलने के बाद पुराना PF निकाल लेते हैं। यही फैसला बाद में TDS की वजह बन जाता है। दरअसल, अगर कर्मचारी PF निकालने की बजाय उसे नए नियोक्ता के खाते में ट्रांसफर कर देता है तो उसकी नौकरी की कुल अवधि लगातार मानी जाती है। इससे पांच साल का नियम आसानी से पूरा हो जाता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि बार-बार PF निकालने के बजाय उसे चालू रखना लंबी अवधि में ज्यादा फायदेमंद रहता है। इससे रिटायरमेंट फंड भी मजबूत होता है और टैक्स कटौती से भी राहत मिलती है।
कम आय वालों को मिल सकती है बड़ी राहत
जिन कर्मचारियों की कुल आय टैक्सेबल सीमा से कम है, वे TDS से छूट का फायदा उठा सकते हैं। इसके लिए संबंधित फॉर्म जमा करना जरूरी होता है। फॉर्म के साथ PAN नंबर, भुगतान करने वाले का TAN नंबर, उम्र का प्रमाण और उस आय की जानकारी देनी होती है जिस पर TDS नहीं काटा जाना चाहिए। ब्याज वाली योजनाओं के लिए बैंक खाते की डिटेल भी मांगी जा सकती है। दस्तावेज सही होने पर कर्मचारी PF निकासी के दौरान टैक्स कटने से बच सकते हैं।
PF खाते में ये अपडेट रखना बेहद जरूरी
EPFO से जुड़ी ज्यादातर दिक्कतें अधूरी KYC की वजह से सामने आती हैं। अगर PAN, आधार और बैंक अकाउंट अपडेट नहीं हैं तो निकासी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा पुराना PF अकाउंट ट्रांसफर न करने पर नौकरी की अवधि अलग-अलग मानी जाती है। इसका सीधा असर टैक्स नियमों पर पड़ता है। ऐसे में कर्मचारियों के लिए जरूरी है कि नौकरी बदलते ही PF ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी करें और EPFO रिकॉर्ड अपडेट रखें, ताकि जरूरत के समय पूरा पैसा बिना अनावश्यक कटौती के मिल सके।