जबलपुर के बरगी बांध में क्रूज हादसे की पूरी कहानी सामने आई। 30 मिनट में सैर मातम में बदली, 4 की मौत, कई लापता। जानें हादसे के पीछे के असली कारण।
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर बरगी बांध पर गुरुवार की शाम सैर-सपाटा अचानक मातम में बदल गया। रानी अवंतीबाई लोधी सागर परियोजना का शांत पानी कुछ ही मिनटों में जानलेवा बन गया। एमपी टूरिज्म का क्रूज 30 लोगों को लेकर निकला था। लेकिन तेज आंधी ने हालात पलट दिए। देखते ही देखते क्रूज लहरों में फंसकर डूब गया। अब तक 4 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग अब भी लापता हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
खौफनाक आधा घंटा
शाम 5:30 बजे क्रूज सामान्य तरीके से रवाना हुआ। लोग मौसम और नजारे का आनंद ले रहे थे। करीब 20 मिनट बाद मौसम अचानक बदला। खमरिया टापू के पास तेज आंधी चली और लहरें 4-5 फीट तक उठने लगीं। शाम 6 बजे के आसपास हालात बेकाबू हो गए। पानी क्रूज में घुसने लगा और कुछ ही मिनटों में वह पलट गया।
पानी में गिरे लोगों की जिंदगी के लिए जंग
क्रूज पलटते ही लोग जान बचाने के लिए पानी में कूद गए। कुछ लोग पास के टापू की ओर तैरने लगे, तो कुछ डूबते जहाज को पकड़कर टिके रहे। यहां हर सेकंड जिंदगी और मौत के बीच की दूरी तय कर रहा था। चीख-पुकार के बीच कई लोग लहरों में गुम हो गए।
अंधेरे में रेस्क्यू मिशन जारी
घटना की सूचना मिलते ही SDRF और स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंचे। अंधेरा बढ़ने के बावजूद टॉर्च और नावों की मदद से बचाव अभियान शुरू किया गया। करीब 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। देर रात क्रूज के कैप्टन महेश पटेल को भी जिंदा बचा लिया गया, जो पूरे हादसे के अहम गवाह हैं।
हादसे की तीन बड़ी वजह
पहली वजह मौसम मानी जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आंधी के संकेत पहले ही मिल रहे थे, फिर भी क्रूज को गहरे पानी में ले जाया गया। दूसरी वजह क्रूज का असंतुलन बना। पानी भरने के बाद जब सभी यात्री एक ओर आए, तो संतुलन बिगड़ा और क्रूज पलट गया। तीसरा बड़ा सवाल सुरक्षा को लेकर है। क्या सभी यात्रियों ने लाइफ जैकेट पहनी थी, यह जांच का अहम हिस्सा है।
सरकार और प्रशासन अलर्ट
मोहन यादव ने इस घटना को बेहद दुखद बताया है और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सरकार ने लापता लोगों की तलाश के लिए हाई-टेक उपकरण और विशेषज्ञ टीमों को लगाया है। प्रशासन का फोकस फिलहाल हर संभव तरीके से लोगों को ढूंढने पर है।