भोपाल मंडल में रेलवे से जुड़े बड़े बदलाव हुए। नई अमृत भारत एक्सप्रेस का इटारसी से उद्घाटन और मई में 10 ट्रेनों के रूट बदलेंगे। साथ ही यात्रियों के लिए नई योजनाएं भी घोषित।
भोपाल। मध्यप्रदेश के रेल नेटवर्क में एक साथ कई बड़े बदलाव सामने आए हैं। भारतीय रेलवे ने जहां लोकमान्य तिलक टर्मिनस-अयोध्या कैंट नई अमृत भारत एक्सप्रेस की शुरुआत 28 अप्रैल 2026 को तय की है। वहीं, मई में जौनपुर यार्ड कार्य के चलते भोपाल मंडल की 10 ट्रेनों के रूट बदले जाएंगे। इसके साथ ही यात्रियों की कहानियों को सम्मान देने की नई राष्ट्रीय योजना भी लॉन्च की गई है। जिससे रेलवे और यात्रियों का जुड़ाव और गहरा होने जा रहा है।
नई अमृत भारत एक्सप्रेस: इटारसी से बदलेगा कनेक्शन
नई अमृत भारत एक्सप्रेस भोपाल मंडल के इटारसी जंक्शन से होकर मुंबई और अयोध्या को जोड़ेगी। 28 अप्रैल को इसका उद्घाटन विशेष फेरा अयोध्या धाम से रवाना होगा। ट्रेन में 22 कोच होंगे और इसे आधुनिक व आरामदायक यात्रा के लिए डिजाइन किया गया है।
किन शहरों को मिलेगा बड़ा फायदा?
यह ट्रेन सुल्तानपुर, प्रयागराज, नासिक रोड, कल्याण और ठाणे जैसे बड़े शहरों से होकर गुजरेगी। इससे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच यात्रा तेज और सीधी होगी। खासकर धार्मिक और रोजगार से जुड़े यात्रियों को बड़ा फायदा मिलेगा।
मई में 10 ट्रेनों के रूट क्यों बदल रहे हैं?
उत्तर रेलवे के जौनपुर स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग कार्य के चलते 4 मई से 27 मई तक कई ट्रेनों का मार्ग बदला जाएगा। इस बदलाव का असर भोपाल मंडल से गुजरने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों पर पड़ेगा, जिनमें गोरखपुर, छपरा, सूरत और इंदौर जैसी प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं।
यात्रियों के लिए क्या जरूरी सलाह?
रेलवे ने साफ कहा है कि यात्रा से पहले यात्री 139 हेल्पलाइन या एनटीईएस ऐप से अपडेट जरूर लें। रूट बदलने से समय और प्लेटफॉर्म दोनों प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए सावधानी जरूरी है। यह बदलाव अस्थायी है लेकिन भीड़ के समय यात्रियों को असुविधा हो सकती है।
यात्रियों की कहानियों को मिलेगा सम्मान
रेल मंत्रालय ने एक नई योजना भी शुरू की है। इसका नाम रेल यात्रा वृत्तांत पुरस्कार 2026। इसमें यात्री अपनी यात्रा अनुभव की 3000 से 3500 शब्दों की कहानी लिख सकते हैं। चयनित प्रतिभागियों को 10,000 रुपये तक का नकद पुरस्कार मिलेगा।
कर्मचारियों और सामाजिक मुद्दों पर भी चर्चा
रेलवे से जुड़े एक और मुद्दे में आउटसोर्स संविदा कर्मचारियों ने मातृत्व अवकाश और बोनस को लेकर आवाज उठाई है। यह मुद्दा सीधे कर्मचारियों के अधिकारों से जुड़ा है और आने वाले समय में इस पर प्रशासनिक चर्चा तेज होने की संभावना है।