क्या आपकी सब्जियों में केमिकल हो सकता है? जानिए चमक, रंग, गंध और कॉटन टेस्ट जैसे आसान तरीकों से मिलावटी या केमिकल युक्त सब्जियों की पहचान कैसे करें।
नई दिल्ली। बाजार में मिलने वाली चमकदार और ताजी दिखने वाली सब्जियां हमेशा सुरक्षित हों, यह जरूरी नहीं है। अधिक उत्पादन, जल्दी पकाने या सब्जियों को आकर्षक दिखाने के लिए कुछ मामलों में रासायनिक पदार्थों और कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए यह जानना जरूरी है कि खरीदारी के दौरान किन संकेतों पर ध्यान दिया जाए। हालांकि केवल देखकर किसी सब्जी में केमिकल होने की 100% पुष्टि नहीं की जा सकती, लेकिन कुछ संकेत मिलावट या कृत्रिम रंगों की आशंका की ओर इशारा कर सकते हैं।
बहुत ज्यादा चमक और एक जैसा रंग हो तो सतर्क रहें
विशेषज्ञों के अनुसार प्राकृतिक रूप से उगी सब्जियों में रंग और बनावट पूरी तरह समान नहीं होती। धूप , मिट्टी और मौसम के प्रभाव से उनमें हल्का अंतर दिखाई देता है। यदि कोई सब्जी असामान्य रूप से चमकदार दिखे, रंग अत्यधिक गहरा या कृत्रिम लगे, पूरी सतह पर एक जैसा रंग दिखाई दे तो उसे खरीदते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
कॉटन टेस्ट से मिल सकते हैं संकेत
यदि किसी सब्जी पर कृत्रिम रंग होने का संदेह हो तो घर पर एक सरल परीक्षण किया जा सकता है।
तरीका
- कॉटन का छोटा टुकड़ा लें।
- उसे हल्के पानी या खाद्य तेल में भिगोएं।
- सब्जी की बाहरी सतह पर धीरे-धीरे रगड़ें।
यदि कॉटन पर हरा, लाल या अन्य रंग दिखाई देता है तो कृत्रिम रंग होने की आशंका हो सकती है। ध्यान रहे कि यह केवल प्रारंभिक संकेत है, कोई वैज्ञानिक या प्रयोगशाला-प्रमाणित परीक्षण नहीं।
गंध और स्वाद भी दे सकते हैं संकेत
प्राकृतिक सब्जियों में अक्सर हल्की मिट्टी जैसी प्राकृतिक गंध होती है। संभावित चेतावनी संकेत
- असामान्य तीखी या रासायनिक गंध
- बाहर से पकी हुई लेकिन अंदर से कच्ची बनावट
- स्वाद में अस्वाभाविक कड़वाहट
- अत्यधिक मुलायम या असामान्य रूप से कठोर बनावट
खरीदारी के समय क्या सावधानी रखें?
कृषि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि स्थानीय और विश्वसनीय विक्रेताओं से खरीदारी करें। मौसम के अनुसार उपलब्ध सब्जियां खरीदें। घर लाने के बाद बहते पानी से अच्छी तरह धोएं। पत्तेदार सब्जियों को कुछ समय साफ पानी में भिगोकर रखें। अत्यधिक परफेक्ट दिखने वाली सब्जियों के बजाय प्राकृतिक दिखने वाली सब्जियों को प्राथमिकता दें। खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि किसी सब्जी में रासायनिक अवशेषों की वास्तविक मात्रा का पता केवल प्रयोगशाला परीक्षण से ही लगाया जा सकता है। इसलिए उपभोक्ताओं को सतर्क रहने के साथ-साथ संतुलित दृष्टिकोण भी अपनाना चाहिए।