Breaking News
  • 15 दिन बाद आगे बढ़ा मानसून, छत्तीसगढ़ में एंट्री, राजस्थान में ओले गिरे, MP-यूपी में हीटवेव का अलर्ट
  • बंगाल में मदरसों को मिलने वाली रकम आधी हुई: महिलाओं को नौकरी में 33% आरक्षण, सरकारी कर्मचारियों को 38% DA
  • महाकाल की भस्म आरती के लिए नई व्यवस्था: एक मोबाइल नंबर से 3 माह में एक बार मिलेगी अनुमति
  • एक्टर पंकज त्रिपाठी के बड़े भाई पर जमीन विवाद में कुल्हाड़ी से हमला, आरोपी अरेस्ट
  • पश्चिम बंगाल: महुआ मोइत्रा के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसद कोर्ट जाएंगे
  • फिरोजाबाद: CM योगी ने 658 करोड़ की 81 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास किया

होम > विशेष

मप्र का संपूर्ण विकास और प्रगति

मोदी के विजन और मोहन के नेतृत्व में बढ़ता मप्र

मोदी और मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकसित और सशक्त प्रदेश के रूप में उभर रहा है, जहां विकास और जनकल्याणकारी योजनाएँ सुशासन की नई परिभाषा गढ़ रही हैं।


मोदी के विजन और मोहन के नेतृत्व में बढ़ता मप्र

सुरेश पचौरी

भारत की राजनीति में विकास अब केवल एक नारा नहीं, बल्कि सुशासन की कसौटी बन चुका है। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं और मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा उनके प्रभावी क्रियान्वयन ने प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया है। आज मध्यप्रदेश विकास, सुशासन, नवाचार और जनभागीदारी का ऐसा मॉडल बनकर उभरा है, जिसकी चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है।

मध्यप्रदेश की उपलब्धियां केवल सरकारी रिपोर्टों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि करोड़ों नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की सशक्त कहानी भी हैं। यही कारण है कि प्रदेश अनेक केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में अग्रणी है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 9 लाख से अधिक आवासों का निर्माण कर मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। जल जीवन मिशन के तहत 82 लाख से अधिक घरों तक नल से जल पहुंचाकर ग्रामीण जीवन में बड़ा परिवर्तन आया है। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 4 करोड़ 46 लाख से अधिक कार्ड वितरित किए गए तथा 71 लाख से अधिक नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार मिला है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पीएम स्वनिधि और पीएम स्ट्रीट वेंडर योजना ने महिलाओं, कारीगरों और छोटे व्यापारियों को आर्थिक आत्मनिर्भरता का आधार दिया है। 6 लाख 50 हजार से अधिक पशुपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 52 लाख महिलाओं को लाभ मिला है तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के क्रियान्वयन में भी प्रदेश अग्रणी है।

कृषि क्षेत्र में नई ऊंचाइयों की ओर

मध्यप्रदेश की पहचान कृषि प्रधान राज्य के रूप में रही है, लेकिन आज यह कृषि नवाचार और उत्पादन क्षमता के कारण राष्ट्रीय नेतृत्व की भूमिका में दिखाई देता है। प्रदेश खाद्यान्न और गेहूं उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है, जबकि दलहन एवं तिलहन उत्पादन में प्रथम स्थान पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुका है। मक्का उत्पादन में भी मध्यप्रदेश अग्रणी है। एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड योजना के तहत 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रकरण स्वीकृत कर प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। 'एग्री स्टैक' परियोजना के तहत एक करोड़ से अधिक यूनिक फार्मर आईडी बनाकर मध्यप्रदेश भारत सरकार से शत-प्रतिशत प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने वाला देश का एकमात्र राज्य बना है। यह उपलब्धि डिजिटल कृषि क्रांति की दिशा में प्रदेश की गंभीरता को दर्शाती है। साथ ही मत्स्य पालन और पशुपालन के क्षेत्र में भी प्रदेश लगातार नई उपलब्धियां अर्जित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बना रहा है।

डिजिटल गवर्नेंस और सुशासन का मॉडल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय कदम उठाए हैं। देश का पहला साइबर पंजीयन कार्यालय तथा सभी 55 जिलों में साइबर तहसील व्यवस्था लागू करना सुशासन की दिशा में क्रांतिकारी पहल है। भारत नेट योजना के अंतर्गत 20,422 ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क बिछाकर प्रदेश ने ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी का नया अध्याय लिखा है। यही कारण है कि मध्यप्रदेश आज तकनीक आधारित सेवा वितरण और डिजिटल प्रशासन में अग्रणी राज्यों में गिना जाता है।

निवेश, उद्योग और रोजगार का नया केंद्र

मध्यप्रदेश तेजी से निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। एक वर्ष में सर्वाधिक निवेश प्रस्ताव आकर्षित करने वाला देश का तीसरा राज्य बनना इसकी बढ़ती आर्थिक शक्ति का प्रमाण है। धार में देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण विनिर्माण तथा खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करना इस बात का संकेत है कि प्रदेश उद्योग और रोजगार सृजन के नए युग में प्रवेश कर चुका है।पर्यटन के क्षेत्र में 'बेस्ट टूरिज्म स्टेट ऑफ द ईयर' सम्मान तथा पर्यटकों के लिए अंतरराज्यीय हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराने वाला पहला राज्य बनने जैसी उपलब्धियां इसकी बढ़ती पहचान को रेखांकित करती हैं।

स्वच्छता के क्षेत्र में इंदौर ने लगातार आठवीं बार देश के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब जीतकर नया इतिहास रचा है, जबकि भोपाल देश की सबसे स्वच्छ राजधानी के रूप में स्थापित हो चुका है। नशामुक्ति अभियान के प्रभावी संचालन और नक्सलवाद से पूर्ण मुक्ति प्रदेश की कानून-व्यवस्था तथा प्रशासनिक दक्षता का प्रमाण है। यह उपलब्धि सुरक्षा के साथ विकास के नए अवसरों का मार्ग भी प्रशस्त करती है।आज का मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी नीतियों और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सक्रिय नेतृत्व का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। जनकल्याण, सुशासन, कृषि, उद्योग, डिजिटल नवाचार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्रों में प्राप्त उपलब्धियां प्रमाणित करती हैं कि मध्यप्रदेश विकास की नई इबारत लिख रहा है। डबल इंजन की सरकार में यह केवल योजनाओं का सफल क्रियान्वयन नहीं, बल्कि जनता के विश्वास, सरकार की प्रतिबद्धता और विकास की राजनीति का जीवंत उदाहरण है।

मध्यप्रदेश आज उस विकसित भारत का प्रतिनिधि बनकर उभर रहा है, जो आत्मनिर्भर, समृद्ध, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की ओर आत्मविश्वास के साथ अग्रसर है।

Related to this topic: