राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का बैतूल में आगमन हुआ जहां उन्होंने जनजातीय महासम्मेलन का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में पौधरोपण और प्रदर्शनी का अवलोकन भी शामिल था।
दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की, पौधरोपण और प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया; राज्यपाल मंगुभाई पटेल सहित कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
बैतूल। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू बुधवार को बैतूल पहुंचीं, जहां उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में आयोजित 'आध्यात्मिक जागृति से जनजातीय समाज का सशक्तिकरण' विषयक महासम्मेलन का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के साथ हुई, जिसके बाद राष्ट्रपति ने दीप प्रज्ज्वलित कर महासम्मेलन का विधिवत उद्घाटन किया। उनके आगमन को लेकर जनजातीय समाज और स्थानीय नागरिकों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
हेलीपैड पर हुआ आत्मीय स्वागत
राष्ट्रपति सुबह मिलानपुर टोल नाका स्थित हेलीपैड पर पहुंचीं, जहां मध्य प्रदेश के राज्यपाल , केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उइके, राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल सहित जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद राष्ट्रपति का काफिला कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कार्यक्रम स्थल पहुंचा।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ महासम्मेलन का शुभारंभ

महासम्मेलन में राष्ट्रपति का स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। मंच पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उईके, राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, ब्रह्माकुमारी संस्थान के पदाधिकारी और अन्य विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने की। बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के लोग, विशेषकर महिलाएं, सम्मेलन में शामिल होने पहुंचीं।
पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम स्थल पहुंचने के बाद राष्ट्रपति ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और वहां प्रदर्शित योजनाओं एवं गतिविधियों की जानकारी ली। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी कार्यक्रम में आकर्षण का केंद्र बनीं, जिनका राष्ट्रपति ने अवलोकन किया।
जनजातीय सशक्तिकरण पर रहा फोकस
'आध्यात्मिक जागृति से जनजातीय समाज का सशक्तिकरण' विषय पर आयोजित इस महासम्मेलन का उद्देश्य जनजातीय समुदाय में सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में जनजातीय समाज के उत्थान, शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जा रही है।
सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए बैतूल शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई और पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई। प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। वीवीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए यातायात व्यवस्था में भी आवश्यक बदलाव किए गए। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार महासम्मेलन के बाद राष्ट्रपति के ओंकारेश्वर के लिए रवाना होने का कार्यक्रम है।