प्रतापगढ़ में मोहर्रम से पहले कुंडा विधायक राजा भैया, उनके पिता उदय प्रताप सिंह और 13 समर्थकों को प्रशासन ने नजरबंद किया। क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में मोहर्रम के मद्देनजर जिला प्रशासन ने बड़ा एहतियाती कदम उठाया है। कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया और उनके पिता राजा उदय प्रताप सिंह को 13 समर्थकों के साथ हाउस अरेस्ट (नजरबंद) किया गया है। प्रशासन ने सांप्रदायिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की है। इसके तहत भदरी कोठी के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और संबंधित लोगों के घरों पर नोटिस भी चस्पा की गई है।
मोहर्रम के दिन आयोजित होता है धार्मिक कार्यक्रम
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुंडा क्षेत्र के शेखपुर गांव में वर्ष 2012 में एक बंदर की मौत के बाद ग्रामीणों ने सड़क किनारे हनुमान मंदिर का निर्माण कराया था। बताया जाता है कि राजा उदय प्रताप सिंह हर वर्ष मोहर्रम के दिन इसी मंदिर में हनुमान पाठ और भंडारे का आयोजन करते हैं। प्रशासन को आशंका है कि इस दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है, इसलिए पहले से ही एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
2013-14 की घटनाओं को देखते हुए फैसला
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2013 और 2014 में मोहर्रम जुलूस और भंडारे के कार्यक्रम एक साथ होने के कारण क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा हुई थी। इसी पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन ने पहले से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकना प्रशासन की प्राथमिकता है।
13 समर्थक भी किए गए नजरबंद
राजा भैया और उनके पिता के अलावा जिन समर्थकों को नजरबंद किया गया है, उनमें कई स्थानीय कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हैं। प्रशासन ने सभी के आवासों पर हाउस अरेस्ट संबंधी नोटिस चस्पा कर दी है। कुंडा क्षेत्राधिकारी (सीओ) शिव नारायण वैस के अनुसार, हाउस अरेस्ट किए गए सभी लोगों को नोटिस जारी कर दी गई है और उनके आवासों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई एहतियातन की गई है और निर्धारित अवधि तक लागू रहेगी ताकि क्षेत्र में शांति और सौहार्द बना रहे।
मोहर्रम को देखते हुए प्रशासन और पुलिस जिले के संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी रख रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान किसी भी तरह की अफवाह, तनाव या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।