छत्तीसगढ़ के अभनपुर में राहुल गांधी के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान भारी भीड़ देखने को मिली। संगठन मजबूती पर मंथन के बीच नेताओं की धक्का-मुक्की और भाजपा-कांग्रेस के बीच बयानबाजी भी चर्चा में रही।
रायपुर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का छत्तीसगढ़ दौरा सिर्फ एक संगठनात्मक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा। अभनपुर में आयोजित कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर में जहां संगठन की भविष्य की रणनीति पर चर्चा हुई। वहीं, कार्यक्रम स्थल के बाहर भीड़ और राजनीतिक तकरार ने अलग ही माहौल बना दिया।
कांग्रेस आगामी चुनावी चुनौतियों को देखते हुए संगठन को नए सिरे से तैयार करने में जुटी है। इसी उद्देश्य से आयोजित प्रशिक्षण शिविर में राहुल गांधी ने जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्षों के साथ सीधा संवाद किया। लेकिन कार्यक्रम के दौरान सामने आई कुछ तस्वीरों ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू कर दी।
भीड़ के बीच गेट पर फंसे चरणदास महंत
राहुल गांधी के कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं की बड़ी मौजूदगी देखने को मिली। हालात ऐसे बने कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता और विधानसभा अध्यक्ष रह चुके चरणदास महंत भी प्रवेश द्वार पर धक्का-मुक्की के बीच बाहर ही रह गए। इसका वीडियो सामने आने के बाद कार्यक्रम की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठने लगे। हालांकि कांग्रेस नेताओं ने इसे कार्यकर्ताओं के उत्साह का परिणाम बताया।
बंद कमरे में संगठन पर मंथन
राहुल गांधी ने कार्यक्रम में वरिष्ठ नेताओं, पूर्व मंत्रियों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ करीब 40 मिनट तक चर्चा की। इसके बाद उन्होंने जिला और शहर अध्यक्षों के साथ अलग सत्र में बातचीत की। पार्टी सूत्रों के अनुसार चर्चा का केंद्र संगठन विस्तार, जमीनी सक्रियता और आगामी राजनीतिक चुनौतियों से निपटने की रणनीति रही। कांग्रेस नेतृत्व का फोकस बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने पर है।
जमीनी कार्यकर्ताओं को साधने की कोशिश
शिविर में शामिल होने पहुंचे कार्यकर्ताओं का उत्साह भी चर्चा में रहा। सक्ती जिले के जैजैपुर से आए एक ब्लॉक अध्यक्ष ने दावा किया कि वह राहुल गांधी से मिलने के लिए पहले दिल्ली तक बाइक से जा चुके हैं और इस बार भी लंबी दूरी तय कर अभनपुर पहुंचे। ऐसे उदाहरणों के जरिए कांग्रेस यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि संगठन में कार्यकर्ताओं की भागीदारी और संवाद को प्राथमिकता दी जा रही है।
बयानों से गरमाई सियासत
राहुल गांधी के दौरे को लेकर भाजपा ने भी हमला बोलने का मौका नहीं छोड़ा। भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी यहां किस तरह की ट्रेनिंग देने आए हैं, यह देखना होगा। उन्होंने 'आलू से सोना' वाले पुराने बयान का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। इसके जवाब में कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने पलटवार करते हुए मिश्रा को 'एक्सीडेंटल विधायक' बताया और कहा कि वे चर्चा में बने रहने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं।
प्रशिक्षण से आगे की तैयारी
अभनपुर में चल रहा 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान का हिस्सा है। इसमें केवल राजनीतिक भाषण ही नहीं बल्कि गांवों में संवाद, सामाजिक मुद्दों की समझ, बूथ प्रबंधन, मीडिया हैंडलिंग, जनसंपर्क और नेतृत्व विकास जैसे विषय भी शामिल किए गए हैं। योग, मार्शल आर्ट्स और व्यक्तित्व विकास के सत्रों को जोड़कर कांग्रेस संगठनात्मक प्रशिक्षण को अधिक व्यावहारिक बनाने की कोशिश कर रही है।
चुनावी जमीन मजबूत करने पर फोकस
राहुल गांधी का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब कांग्रेस कई राज्यों में संगठनात्मक पुनर्गठन पर काम कर रही है। अभनपुर का यह शिविर भी उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि जिला और शहर स्तर के पदाधिकारी सिर्फ संगठनात्मक जिम्मेदारियां न निभाएं बल्कि स्थानीय मुद्दों पर सक्रिय राजनीतिक हस्तक्षेप भी करें। आगामी चुनावों को देखते हुए कांग्रेस इस कवायद को जमीनी नेटवर्क मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मान रही है।