मध्य प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) द्वारा PFI मॉड्यूल की जांच में नए तथ्य सामने आए हैं। जांच चार राज्यों तक फैली, गंभीर मामलों का पता चला।
मध्य प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) द्वारा कथित पीएफआई मॉड्यूल की जांच में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं। भारत में वर्ष 2047 तक शरिया आधारित व्यवस्था स्थापित करने की कथित विचारधारा से जुड़े नेटवर्क की जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। इसी क्रम में एक आरोपी की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि दूसरे आरोपी नईम को आगे की पूछताछ के लिए चार दिन की अतिरिक्त रिमांड पर लिया गया है।
भोपाल एटीएस की जांच चार राज्यों तक पहुंची
सूत्रों के अनुसार इस मॉड्यूल की जांच अब मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों तक फैल चुकी है। जांच एजेंसियों का मानना है कि नेटवर्क की कई परतें अभी खुलना बाकी हैं और पूछताछ से महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।एटीएस ने अब तक आधिकारिक रूप से दो आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। इनमें मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से जुड़े मदरसा शिक्षक नईम शामिल हैं।
फराज को भेजा गया जेल
रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद आरोपी मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं जांच एजेंसी ने नईम को दोबारा पूछताछ के लिए चार दिन की रिमांड पर लिया है।सूत्रों का कहना है कि नईम से नेटवर्क के अन्य सदस्यों, फंडिंग, संपर्कों और कथित गतिविधियों के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
बिहार से पकड़े गए संदिग्ध पर भी जांच
जांच के दौरान बिहार के मधुबनी से इजहार उल हक नामक एक संदिग्ध को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि एटीएस ने उसकी गिरफ्तारी को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।जांच एजेंसियां उसके विभिन्न संपर्कों और गतिविधियों की पड़ताल कर रही हैं। मामले में कई डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
एनआईए की एंट्री की संभावना
सूत्रों के मुताबिक, मामले की गंभीरता और विभिन्न राज्यों में फैले नेटवर्क के कारण राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) भी इस पूरे प्रकरण की समीक्षा कर रही है। बताया जा रहा है कि एनआईए की एक टीम भोपाल पहुंचकर जांच में जुटी एजेंसियों से जानकारी ले सकती है।हालांकि एनआईए की ओर से अब तक मामले को औपचारिक रूप से अपने हाथ में लेने की कोई सार्वजनिक घोषणा नहीं की गई है।
एनआईए इनपुट पर शुरू हुई थी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार इस मॉड्यूल के संबंध में प्रारंभिक इनपुट राष्ट्रीय स्तर की एजेंसियों से प्राप्त हुए थे। इसके बाद भोपाल एटीएस ने कार्रवाई करते हुए सबसे पहले काजी कैंप क्षेत्र से मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह को हिरासत में लिया था। बाद में सहारनपुर से नईम को भी पकड़ा गया।जांच एजेंसियां अब दोनों आरोपियों के संपर्कों, डिजिटल रिकॉर्ड, यात्रा विवरण और अन्य संदिग्ध गतिविधियों की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।