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MLA Saklecha Protest Neemuch

MP News: नीमच में विधायक सकलेचा का विरोध, ग्रामीणों ने घेरा, कार्यक्रम बीच में छोड़ना पड़ा

नीमच के जावद में विधायक ओमप्रकाश सकलेचा को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। सड़क निर्माण की मांग को लेकर लोगों ने उन्हें घेरा और कार्यक्रम बीच में ही छोड़ना पड़ा।


mp news नीमच में विधायक सकलेचा का विरोध ग्रामीणों ने घेरा कार्यक्रम बीच में छोड़ना पड़ा

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नीमच। मध्य प्रदेश के नीमच जिले के जावद विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा को रविवार को ग्रामीणों के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा। बांगरेड गांव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान लोगों का गुस्सा अचानक फूट पड़ा और स्थिति इतनी बिगड़ी कि विधायक को बीच में ही कार्यक्रम छोड़ना पड़ा। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण न होने पर नाराजगी जताते हुए ‘विधायक चोर’ जैसे नारे भी लगाए।

अस्पताल के भूमिपूजन कार्यक्रम में भड़का विरोध

बांगरेड गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भूमिपूजन कार्यक्रम में विधायक ओमप्रकाश सकलेचा मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। जैसे ही उन्होंने विकास कार्यों पर संबोधन शुरू किया, ग्रामीणों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए और माहौल अचानक गर्म हो गया।

सड़क न बनने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूटा

ग्रामीणों का आरोप था कि अस्पताल की मंजूरी तो दे दी गई लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क अब तक नहीं बनाई गई है। लोगों ने सवाल किया कि मरीज खराब और कच्चे रास्ते से अस्पताल तक कैसे पहुंचेंगे। इस मुद्दे पर असंतोष बढ़ता गया और भीड़ आक्रोशित हो गई।

मंच घेरकर लगाए नारे, स्थिति हुई बेकाबू

जवाबों से असंतुष्ट भीड़ ने मंच को घेर लिया और ‘विधायक वापस जाओ’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। कुछ लोगों ने सीधे तौर पर ‘विधायक चोर’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। पुलिस और सुरक्षाकर्मियों को स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

पुराने वादों को लेकर जनता का गुस्सा

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि नेता केवल चुनाव के समय क्षेत्र में नजर आते हैं और विकास कार्यों में देरी होती है। लोगों का कहना था कि कई वर्षों से सड़क की मांग की जा रही है लेकिन अब तक कोई ठोस काम नहीं हुआ। इसी नाराजगी ने कार्यक्रम को बाधित कर दिया।

धक्का-मुक्की और तीखी बहस के बाद लौटे विधायक

स्थिति बिगड़ने पर तीखी बहस और धक्का-मुक्की की नौबत आ गई। भीड़ के बढ़ते विरोध को देखते हुए विधायक और उनके साथ मौजूद लोग कार्यक्रम स्थल से निकल गए। इस घटना ने स्थानीय राजनीति और विकास कार्यों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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