NEET-UG री-एग्जाम से एक दिन पहले NTA ने देशभर में मेगा मॉकड्रिल कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की। 5,500 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर निगरानी, कूलिंग जोन और मल्टी-लेयर सिक्योरिटी का ट्रायल किया गया।
NEET-UG री-एग्जाम से पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने परीक्षा की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए देशभर में व्यापक सुरक्षा अभ्यास शुरू किया है। 21 जून को होने वाली पुनर्परीक्षा से पहले 20 जून को आयोजित इस मेगा मॉकड्रिल का मकसद परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, प्रश्नपत्रों की आवाजाही और निगरानी तंत्र की प्रभावशीलता को परखना रहा।
पिछले विवादों और परीक्षा प्रक्रिया पर उठे सवालों के बाद इस बार एजेंसियां कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रही हैं। यही वजह है कि परीक्षा केंद्रों को हाई-सिक्योरिटी जोन की तरह संचालित किया जा रहा है।
देशभर में चला 11 घंटे का सुरक्षा अभ्यास
मॉकड्रिल सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक चली। इस दौरान देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में स्थित 5,500 से ज्यादा परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और संचालन से जुड़े हर चरण की समीक्षा की गई। प्रश्नपत्रों की सुरक्षित पहुंच से लेकर परीक्षा कक्षों की निगरानी तक हर व्यवस्था का परीक्षण किया गया ताकि परीक्षा के दिन किसी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा सामने न आए।
दिल्ली के परीक्षा केंद्रों पर विशेष निगरानी
राजधानी दिल्ली के 97 परीक्षा केंद्र भी इस अभ्यास का हिस्सा बने। पश्चिमी दिल्ली के नारायणा स्थित श्री पीएम केंद्रीय विद्यालय समेत कई केंद्रों पर अधिकारियों ने सुरक्षा इंतजामों का निरीक्षण किया। केंद्रों के भीतर केवल अधिकृत कर्मचारियों को ही प्रवेश दिया गया। बाहरी लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रखी गई ताकि सुरक्षा प्रोटोकॉल की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।
गर्मी से राहत के लिए कूलिंग जोन की तैयारी
परीक्षा दोपहर के समय आयोजित होनी है, इसलिए अभ्यर्थियों की सुविधा को भी तैयारियों का अहम हिस्सा बनाया गया है। कई परीक्षा केंद्रों पर कूलिंग जोन तैयार किए जा रहे हैं, जहां छात्रों को गर्मी से राहत देने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। इससे परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था में कई एजेंसियां शामिल
परीक्षा को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए NTA, स्थानीय पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां संयुक्त रूप से काम कर रही हैं। मल्टी-लेयर सिक्योरिटी मॉडल के तहत दो लाख से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। साथ ही परीक्षा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की लाइव निगरानी का एक्सेस सीधे NTA के पास रहेगा। इससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी।
21 जून को होगी पुनर्परीक्षा
NEET-UG री-एग्जाम 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक ऑफलाइन मोड में आयोजित होगी। परीक्षा से पहले की यह मॉकड्रिल केवल सुरक्षा जांच नहीं बल्कि उस भरोसे को मजबूत करने की कोशिश भी मानी जा रही है, जिसकी मांग छात्र और अभिभावक लंबे समय से करते रहे हैं।