मध्यप्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में खेल कोटे से भर्ती की प्रक्रिया फिर से शुरू करने का निर्णय लिया। इससे उत्कृष्ट खिलाड़ियों को लिखित परीक्षा और पीईटी से छूट मिलेगी।
10 उपनिरीक्षक और 50 आरक्षक पद भरे जाएंगे
मध्यप्रदेश सरकार ने उत्कृष्ट खिलाड़ियों को बड़ी सौगात देते हुए पुलिस विभाग में खेल कोटे से सीधी भर्ती प्रक्रिया को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है। गृह विभाग ने 'मध्यप्रदेश पुलिस (उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्ति) नियम, 2021' में संशोधन कर 15 जून को अधिसूचना जारी कर दी है। संशोधित नियमों के अनुसार प्रतिवर्ष पुलिस विभाग में उपनिरीक्षक के 10 और आरक्षक के 50 पद खेल कोटे से भरे जाएंगे।
भर्ती प्रक्रिया नियमित रूप से होगी
नई व्यवस्था के तहत भर्ती प्रक्रिया हर वर्ष नियमित रूप से आयोजित की जाएगी, जिससे खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में स्थायी अवसर मिल सकेंगे। उत्कृष्ट खिलाड़ियों को निर्धारित शैक्षणिक योग्यता, न्यूनतम ऊंचाई, लिखित परीक्षा तथा शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) से भी छूट प्रदान की जाएगी। साथ ही उनकी नियुक्ति अनारक्षित (सामान्य) श्रेणी में की जाएगी।
केवल ओलम्पिक में शामिल खेल विधाएं होंगी मान्य
नियमों के अनुसार केवल वे खेल विधाएं मान्य होंगी, जो पिछले तीन ओलम्पिक खेलों में शामिल रही हों। मेरिट अंक समान होने की स्थिति में वरिष्ठता का निर्धारण ओलम्पिक, एशियाई खेल, विश्व कप आदि में प्रदर्शन की प्राथमिकता तथा खिलाड़ी की आयु के आधार पर किया जाएगा।
उपनिरीक्षक और आरक्षक पदों के लिए पात्रता तय
संशोधित नियमों के अनुसार उपनिरीक्षक पद के लिए ओलम्पिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल, विश्व कप अथवा विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले या इनमें सहभागिता करने वाले खिलाड़ी पात्र होंगे।वहीं आरक्षक पद के लिए राष्ट्रीय खेलों तथा अधिकृत राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ी आवेदन कर सकेंगे। उपनिरीक्षक पद की पात्रता रखने वाले खिलाड़ी आरक्षक पद के लिए भी स्वतः पात्र माने जाएंगे।
खिलाड़ियों के भविष्य के लिए ऐतिहासिक कदम
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने इस निर्णय को खिलाड़ियों के भविष्य के लिए ऐतिहासिक कदम बताया है। उनका कहना है कि इससे प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को खेल के साथ-साथ सरकारी सेवा में भी बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
नियमों में प्रमुख बदलाव
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हर वर्ष खेल कोटे से भर्ती होगी।
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उपनिरीक्षक के 10 पद और आरक्षक के 50 पद भरे जाएंगे।
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लिखित परीक्षा और पीईटी से छूट मिलेगी।
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खिलाड़ियों की नियुक्ति सामान्य श्रेणी में होगी।
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केवल ओलम्पिक में शामिल खेलों के खिलाड़ी पात्र होंगे।
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राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जाएगी।