इंदौर में बोरिंग के दौरान गैस पाइपलाइन फटने से बड़ा हादसा हो गया। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर राजकुमारी झाला समेत 4 लोग झुलस गए, जबकि 5000 से ज्यादा गैस कनेक्शन प्रभावित हुए हैं।
इंदौर। मध्य प्रदेश के मिनी बॉम्बे कहे जाने वाले इंदौर के विजय नगर क्षेत्र में मंगलवार को एक लापरवाही ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। सुमन नगर जैन मंदिर के पास बोरिंग के दौरान अवंतिका गैस की हाई-प्रेशर पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। कुछ ही देर में गैस रिसाव ने आग पकड़ ली और इलाके में तेज धमाके के साथ अफरा-तफरी मच गई।
हादसे में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर राजकुमारी झाला समेत चार लोग झुलस गए। घटना के बाद आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए, जबकि फायर ब्रिगेड और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात पर काबू पाया।
बोरिंग मशीन बनी हादसे की वजह
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि जिस स्थान पर हादसा हुआ वहां स्थानीय पार्षद की ओर से बोरिंग का काम कराया जा रहा था। खुदाई के दौरान गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे गैस तेजी से लीक होने लगी। कुछ समय बाद रिसाव ने आग का रूप ले लिया और तेज लपटें उठने लगीं। घटना ने एक बार फिर शहर में बिना तकनीकी अनुमति और सुरक्षा मानकों के किए जा रहे खुदाई कार्यों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रास्ते से गुजर रही युवती आग की चपेट में आई
हादसे के समय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर राजकुमारी झाला बाइक से वहां से गुजर रही थीं। अचानक उठीं आग की लपटों ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगते ही युवती संतुलन खोकर सड़क पर गिर गई। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया। हादसे में उनकी बाइक भी पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई। अन्य घायलों का भी अस्पताल में इलाज जारी है।
5000 से ज्यादा घरों की गैस सप्लाई प्रभावित
अवंतिका गैस कंपनी के अनुसार पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से शीतल नगर, विजय नगर और आसपास के इलाकों में 5000 से अधिक घरेलू गैस कनेक्शन प्रभावित हुए हैं। कंपनी की तकनीकी टीम ने तुरंत मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता गैस आपूर्ति बहाल करने की है। इसके बाद पूरे घटनाक्रम की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
चेतावनी बोर्ड के बावजूद हुई खुदाई
गैस कंपनी के इंजीनियरों का कहना है कि पाइपलाइन वाले क्षेत्र में नियमित अंतराल पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, जिनमें हाई-प्रेशर गैस लाइन की जानकारी स्पष्ट रूप से दी गई है। इसके बावजूद संबंधित पक्ष ने कंपनी से अनुमति लिए बिना खुदाई और बोरिंग का काम शुरू कर दिया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी कैसे हुई और क्या निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया था या नहीं।
शहर में फिर उठे सुरक्षा इंतजामों पर सवाल
घनी आबादी वाले इलाके में हुए इस हादसे ने शहरी विकास कार्यों की निगरानी और सुरक्षा मानकों पर बहस तेज कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो नुकसान कहीं ज्यादा बड़ा हो सकता था। फिलहाल प्रशासन घटना की विस्तृत जांच कर रहा है और जिम्मेदारी तय करने की तैयारी में है।