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Dead Man Returns Home Alive

तेरहवीं के बाद जिंदा लौटा युवक, अब नहर से मिले शव की पहचान बनी सबसे बड़ी पहेली

गाजियाबाद में जिस युवक का अंतिम संस्कार और तेरहवीं हो चुकी थी, वह अचानक घर लौट आया। अब पुलिस उस शव की पहचान में जुटी है जिसे परिवार ने उसका मान लिया था।


तेरहवीं के बाद जिंदा लौटा युवक अब नहर से मिले शव की पहचान बनी सबसे बड़ी पहेली

UP News |

गाजियाबाद के कौशांबी इलाके में सामने आए एक मामले ने पुलिस जांच और पहचान प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस युवक को परिवार ने मृत मानकर अंतिम संस्कार कर दिया, उसकी तेरहवीं भी हो गई, लेकिन कुछ दिनों बाद वही युवक अचानक जिंदा घर लौट आया। इस घटनाक्रम ने पूरे मामले को रहस्य में बदल दिया है।

युवक की वापसी के बाद अब सबसे बड़ा सवाल उस शव को लेकर खड़ा हो गया है, जो मसूरी नहर से बरामद हुआ था और जिसे परिजनों ने गिरधर बिष्ट बताकर पहचान लिया था। पुलिस अब दो अलग-अलग दिशाओं में जांच कर रही है। एक तरफ गिरधर के गायब रहने की कहानी है, तो दूसरी तरफ उस अज्ञात शव की असली पहचान का सवाल।

गुमशुदगी से शुरू हुई पूरी कहानी

कौशांबी की कल्पना सोसायटी में रहने वाले गिरधर बिष्ट को 17 मई को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 21 मई को रिहाई के बाद वह घर नहीं पहुंचा और अचानक लापता हो गया। परिवार ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने तलाश शुरू की, लेकिन कई दिनों तक उसका कोई पता नहीं चला। इसी बीच परिवार लगातार उसकी खोज में जुटा रहा।

नहर से मिले शव ने बदल दी जांच की दिशा

करीब तीन सप्ताह बाद 12 जून को मसूरी नहर से एक शव बरामद हुआ। परिजनों ने उसे गिरधर बिष्ट का शव मानते हुए पहचान की। शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की बात सामने आई, लेकिन परिवार ने हत्या की आशंका जताई। इसके बाद चिकित्सकों के पैनल से दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया और शिकायत के आधार पर सात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला भी दर्ज किया गया। उस समय तक सभी को यकीन था कि गिरधर की मौत हो चुकी है।

जब तेरहवीं के बाद घर पहुंच गया 'मृत' युवक

मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब गिरधर बिष्ट अचानक अपने घर लौट आया। परिवार और आसपास के लोग उसे देखकर हैरान रह गए। जिस व्यक्ति के लिए शोक सभा हुई, अंतिम संस्कार हुआ और तेरहवीं तक की रस्में पूरी हो गईं, उसके सामने आने से पूरे घटनाक्रम की बुनियाद ही बदल गई। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और नए सिरे से जांच शुरू कर दी।

पहचान प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना ने शवों की पहचान और जांच प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस शव को गिरधर समझकर पोस्टमार्टम कराया गया और अंतिम संस्कार कर दिया गया, उसकी वास्तविक पहचान अब तक सामने नहीं आई है। ऐसे मामलों में पहचान की प्रक्रिया, दस्तावेजी सत्यापन और फॉरेंसिक जांच की भूमिका पर भी चर्चा शुरू हो गई है। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर पहचान में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।

अब पुलिस के सामने दोहरी चुनौती

पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरधर मानसिक रूप से कमजोर बताया जाता है। उससे पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह इतने दिनों तक कहां रहा और किन परिस्थितियों में घर से दूर रहा। दूसरी ओर नहर से मिले शव की पहचान करना भी जांच एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। जब तक उस शव की पहचान नहीं होती, तब तक यह मामला कई अनसुलझे सवालों के साथ चर्चा का विषय बना रहेगा।

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