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चेतन सोलंकी की प्रेरणादायक यात्रा

'12वीं फेल' फिल्म जैसी कहानी: बड़वानी के चेतन ने IIT खड़गपुर में बनाई जगह

20 वर्षीय चेतन सोलंकी, जिन्होंने 12वीं में असफल होने के बाद भी हार नहीं मानी और अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर IIT खड़गपुर में प्रवेश पाया।


12वीं फेल फिल्म जैसी कहानी बड़वानी के चेतन ने iit खड़गपुर में बनाई जगह 

मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के एक किसान परिवार से आने वाले 20 वर्षीय चेतन सोलंकी ने साबित कर दिया है कि असफलता अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत का अवसर होती है। 12वीं बोर्ड परीक्षा में असफल होने के बाद जहां अधिकांश छात्र निराश हो जाते हैं, वहीं चेतन ने हार मानने के बजाय संघर्ष और आत्मविश्वास के दम पर देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर में प्रवेश हासिल कर लिया।वारला तहसील के खुतवाड़ी गांव निवासी चेतन सोलंकी की कहानी लोकप्रिय फिल्म '12वीं फेल' की याद दिलाती है। उन्होंने अपनी असफलता को कमजोरी नहीं, बल्कि सफलता की सीढ़ी बना लिया।

12वीं में असफलता के बाद शुरू किया नया सफर

चेतन ने 12वीं की पढ़ाई बेटमा स्थित श्रमोदय आवासीय विद्यालय से की थी। 12वीं बोर्ड परीक्षा में असफल होने के बाद वे घर लौट आए। शुरुआत में यह झटका उनके लिए बेहद कठिन था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।कोई कोचिंग संस्थान, अध्ययन समूह या बड़े शहर की सुविधाएं उनके पास नहीं थीं। उन्होंने इंटरनेट पर उपलब्ध अध्ययन सामग्री और ऑनलाइन कोर्स का सहारा लिया तथा स्व-अध्ययन के माध्यम से दोबारा तैयारी शुरू की।

गांव की चुनौतियों के बीच हासिल की सफलता

खुतवाड़ी गांव में बिजली और इंटरनेट की समस्या अक्सर बनी रहती है। इसके बावजूद चेतन ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। पढ़ाई के साथ-साथ वे अपने किसान पिता कमल सोलंकी के साथ खेती के काम में भी हाथ बंटाते रहे।सीमित संसाधनों के बावजूद उनका लक्ष्य स्पष्ट था और उन्होंने लगातार मेहनत जारी रखी।

चाचा की प्रेरणा और परिवार का मिला साथ

चेतन के परिवार ने कठिन समय में उनका पूरा साथ दिया। उनके चाचा ओंकार सोलंकी ने उनका मनोबल बढ़ाया और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।परिवार ने कभी उन पर अतिरिक्त दबाव नहीं डाला। उन्हें भरोसा दिलाया गया कि यदि आईआईटी में प्रवेश नहीं भी मिला तो जीवन में अन्य अवसर मौजूद रहेंगे। परिवार के इसी सहयोग ने चेतन को मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखा।

जेईई एडवांस्ड में हासिल की शानदार रैंक

लगातार मेहनत का परिणाम तब मिला जब चेतन ने देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल जेईई एडवांस्ड में सफलता प्राप्त की। उन्होंने अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग में 1309वीं रैंक हासिल की।इस उपलब्धि के आधार पर उन्हें आईआईटी खड़गपुर में एग्रीकल्चर एंड फूड इंजीनियरिंग शाखा में प्रवेश मिला है।

किसानों के लिए काम करना चाहते हैं चेतन

चेतन ने बताया कि उन्होंने जानबूझकर कृषि से जुड़े विषय का चयन किया है। उनका मानना है कि उनकी शिक्षा का लाभ किसानों और कृषि क्षेत्र को मिलना चाहिए।भविष्य में वे संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा उत्तीर्ण कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी बनना चाहते हैं।

'12वीं फेल' फिल्म से मिली प्रेरणा

चेतन का कहना है कि फिल्म '12वीं फेल' ने उन्हें काफी प्रेरित किया। फिल्म की कहानी में उन्हें अपने जीवन से जुड़ी कई समानताएं दिखाई दीं। उन्होंने असफलता को स्वीकार करते हुए उससे सीख ली और नए संकल्प के साथ आगे बढ़े।परिवार भी उनकी 12वीं की असफलता को हार नहीं, बल्कि ऐसा मोड़ मानता है जिसने उनकी वास्तविक क्षमता को सामने ला दिया।अगले महीने आईआईटी खड़गपुर में प्रवेश लेने जा रहे चेतन सोलंकी आज उन हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गए हैं, जो किसी परीक्षा में असफल होने के बाद निराश हो जाते हैं। उनकी कहानी बताती है कि दृढ़ संकल्प, मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी मंजिल तक पहुंचा जा सकता है।

 

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