उत्तर प्रदेश के बागपत में श्रद्धालुओं से भरी कैंटर पलट गई, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई और 22 से अधिक घायल हो गए। हादसा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर हुआ।
उत्तर प्रदेश के बागपत में सोमवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे में श्रद्धालुओं से भरी कैंटर पलट गई। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर हुए इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 22 से ज्यादा श्रद्धालु घायल हुए हैं। सभी लोग राजस्थान के बागड़ धाम से दर्शन कर बदायूं लौट रहे थे।हादसा रविवार देर रात करीब 1 बजे खेकड़ा कोतवाली क्षेत्र में बसी और बड़ा गांव के बीच हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कैंटर डिवाइडर से टकराने के बाद पलट गई। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर चीख-पुकार मच गई।
पलटते ही मची चीख-पुकार, घायलों को अस्पताल पहुंचाया
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। कैंटर में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने 6 लोगों को मृत घोषित कर दिया।जिला अस्पताल के फार्मासिस्ट मुकेश कुमार के मुताबिक, 22 घायलों का इलाज किया गया, जिनमें से 18 की हालत को देखते हुए उन्हें मेरठ के हायर सेंटर रेफर किया गया है।एसपी सूरज कुमार राय ने बताया कि अभी सुगड़पाल यादव (40) और राजेश्वर सिंह (42) की पहचान हुई है। बाकी मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
राजस्थान से तीर्थयात्रा कर बदायूं लौट रहे थे
घायल कुंवरपाल ने बताया कि हादसे के वक्त ज्यादातर लोग कैंटर में सो रहे थे। अचानक तेज आवाज हुई और गाड़ी पलट गई। इसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।कुंवरपाल के मुताबिक, ड्राइवर ने बताया कि पीछे से आ रहे एक वाहन ने कैंटर में टक्कर मार दी थी, जिसके बाद यह हादसा हुआ। हालांकि पुलिस अभी हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
DM-SP अस्पताल पहुंचे, घायलों का जाना हाल
हादसे की जानकारी मिलने के बाद डीएम अस्मिता लाल और एसपी सूरज राय जिला अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने घायलों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और स्वास्थ्य कर्मियों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए।पुलिस मृतकों की पहचान कराने के साथ हादसे की वजह भी पता कर रही है। घायलों के परिजनों को फोन के जरिए घटना की जानकारी दी गई है।
बागड़ धाम में दर्शन के बाद लौट रहे थे श्रद्धालु
कैंटर में सवार लोग राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले स्थित गोगामेड़ी यानी बागड़ धाम से लौट रहे थे। यह स्थान जाहरवीर बाबा गोगाजी महाराज से जुड़ा प्रमुख धार्मिक स्थल है। अगस्त-सितंबर के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।फिलहाल पुलिस हादसे की जांच में जुटी है और मृतकों की पूरी पहचान होने के बाद घटना की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।