इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि देश अब हथियारों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहता। अमेरिका के समर्थन की सराहना करते हुए उन्होंने स्वतंत्र शस्त्र नेटवर्क बनाने पर जोर दिया।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान के साथ संघर्ष के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने देश की रक्षा क्षमताओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इजरायल अमेरिका से मिले समर्थन का सम्मान करता है, लेकिन भविष्य में हथियारों के लिए किसी अन्य देश पर निर्भर नहीं रहना चाहता। इसके लिए देश को अपना स्वतंत्र शस्त्र नेटवर्क विकसित करना होगा।
US समर्थन की सराहना के साथ आत्मनिर्भरता पर जोर
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने गुश एटजियन क्षेत्र में रिजर्व कॉम्बैट ऑफिसर्स के एक प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका वर्षों से इजरायल का मजबूत सहयोगी रहा है और उसने रक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की है। हालांकि, अब समय आ गया है कि इजरायल अपने हथियारों के उत्पादन और रक्षा आपूर्ति श्रृंखला को और अधिक स्वदेशी बनाए। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की दीर्घकालिक सुरक्षा उसकी अपनी क्षमताओं पर निर्भर करती है और इजरायल को आने वाले दशकों के लिए खुद को तैयार करना होगा।
ईरान के खिलाफ संघर्ष का भी किया जिक्र
नेतन्याहू ने अपने संबोधन में ईरान और उसके सहयोगी समूहों के खिलाफ चल रहे संघर्ष का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इजरायल ने अपने विरोधियों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है, लेकिन लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है। प्रधानमंत्री के अनुसार, आने वाले वर्षों में देश की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपनी सैन्य और तकनीकी क्षमताओं को कितना मजबूत बना पाता है।
'हमें अपने हथियार खुद बनाने होंगे'
अपने संबोधन में नेतन्याहू ने स्पष्ट कहा कि इजरायल को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश को स्वतंत्र हथियार नेटवर्क विकसित करना होगा और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ानी होगी। साथ ही नई तकनीकों को तेजी से अपनाने और सैन्य नेतृत्व की नई पीढ़ी तैयार करने पर भी बल दिया।
जेडी वेंस की टिप्पणी के बाद आया बयान
नेतन्याहू का यह बयान उस समय आया है जब हाल ही में अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा था कि पिछले कुछ महीनों में इजरायल की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किए गए रक्षात्मक हथियारों का बड़ा हिस्सा अमेरिका द्वारा उपलब्ध कराया गया और उसके वित्तपोषण में भी अमेरिकी भूमिका रही। विश्लेषकों का मानना है कि नेतन्याहू का आत्मनिर्भरता संबंधी बयान इजरायल की दीर्घकालिक रक्षा रणनीति और बदलते क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों का संकेत माना जा सकता है।