चीन की नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ डिफेंस टेक्नोलॉजी ने एक माइक्रो ड्रोन विकसित किया है जो अपने छोटे आकार और वजन के कारण रडार की पकड़ से बाहर है, निजता और सुरक्षा की चिंता बढ़ी।
चीन की नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ डिफेंस टेक्नोलॉजी (एनयूडीटी) ने एक ऐसा माइक्रो ड्रोन विकसित किया है, जिसका आकार और वजन लगभग एक सामान्य मच्छर जैसा है। चीन में तैयार किए गए इस ड्रोन ने दुनिया भर में निजता और सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।यह कोई सामान्य ड्रोन नहीं है। इस प्रोटोटाइप का वजन मात्र 0.3 ग्राम बताया जा रहा है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि पहली नजर में यह किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की बजाय एक कीड़े या पत्ती जैसा दिखाई देता है।
इमारत के छोटे छेद से भी घुस सकता है
इस ड्रोन की सबसे बड़ी और चिंताजनक विशेषता यह बताई जा रही है कि यह पारंपरिक रडार सिस्टम की पकड़ में आसानी से नहीं आता। अपने अत्यंत छोटे आकार और विशेष निर्माण सामग्री के कारण इसे पहचानना बेहद मुश्किल हो सकता है।बताया जा रहा है कि यह किसी घर, कार्यालय या संवेदनशील इमारत की खिड़की अथवा छोटे छिद्रों से भी अंदर प्रवेश कर सकता है और बिना ध्यान आकर्षित किए निगरानी या डेटा संग्रह जैसे कार्य कर सकता है।
खासियत
पंख: इसके पंख पेड़ की पत्तियों के आकार से प्रेरित हैं, जिससे उड़ान के दौरान यह अधिक प्राकृतिक दिखाई देता है।
बनावट: इसका शरीर बेहद पतला और हल्का बनाया गया है।
सेंसर: इसके भीतर अत्याधुनिक सूक्ष्म सेंसर लगाए गए हैं, जो तस्वीरें लेने, ध्वनि रिकॉर्ड करने और डेटा एकत्र करने में सक्षम बताए जा रहे हैं।
कमियां
कम बैटरी क्षमता: अत्यंत छोटे आकार के कारण इसमें बड़ी बैटरी नहीं लगाई जा सकती। यही वजह है कि इसकी उड़ान अवधि सीमित रहती है।
हवा का असर: महज 0.3 ग्राम वजन होने के कारण तेज हवा का झोंका इसे आसानी से रास्ते से भटका सकता है या नियंत्रण प्रभावित कर सकता है।
दुनिया भर में चिंता, सोशल मीडिया पर मीम्स
इस खबर के सामने आने के बाद लोगों में निजता और निगरानी को लेकर चिंता बढ़ गई है। कई लोगों का मानना है कि भविष्य में निजी स्थानों की सुरक्षा और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।वहीं सोशल मीडिया पर इसे लेकर मजेदार प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। कुछ यूजर्स मजाक में कह रहे हैं कि अब कंप्यूटर के "बग" सचमुच उड़ने लगे हैं। वहीं कुछ लोगों ने व्यंग्य करते हुए कहा कि ऐसे ड्रोन से बचाव के लिए घरों में इस्तेमाल होने वाले मच्छर मारने वाले रैकेट और बग जैपर भी काम आ सकते हैं।