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Modi Cabinet big Decision On Vande Mataram

वंदे मातरम को मिला राष्ट्रगान जैसा दर्जा: अपमान करने पर होगी सजा, जन-गण-मन से पहले गाया जाएगा

केंद्र सरकार ने वंदे मातरम को जन गण मन के समान दर्जा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। अब इसके अपमान या गायन में बाधा डालने पर सजा और जुर्माने का प्रावधान होगा।


वंदे मातरम को मिला राष्ट्रगान जैसा दर्जा अपमान करने पर होगी सजा जन-गण-मन से पहले गाया जाएगा

Modi Cabinet Big Decision On Vande Mataram |

केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान दर्जा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम में संशोधन का रास्ता भी साफ हो गया है।

सरकार के इस फैसले के बाद अब ‘वंदे मातरम’ के अपमान, गायन में बाधा डालने या अनादर करने पर वही कार्रवाई हो सकेगी, जो अभी राष्ट्रगान के मामले में लागू होती है। इस फैसले को राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

क्या बदलेगा नए फैसले के बाद?

कैबिनेट के फैसले के अनुसार, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम’ पर अब राष्ट्रगान की तरह आधिकारिक प्रोटोकॉल लागू होंगे। यानी सरकारी कार्यक्रमों और राष्ट्रीय आयोजनों में इसे विशेष सम्मान के साथ प्रस्तुत किया जाएगा। सरकार राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम की धारा 3 में संशोधन करेगी। इस कानून के तहत यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रगान या अब ‘वंदे मातरम’ के गायन में बाधा डालता है, तो उसे तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

जन-गण-मन से पहले गाया जाएगा वंदे मातरम

गृह मंत्रालय पहले ही ‘वंदे मातरम’ को लेकर नई गाइडलाइंस जारी कर चुका है। इन निर्देशों के अनुसार, यदि किसी कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ और ‘जन गण मन’ दोनों गाए जाते हैं, तो पहले ‘वंदे मातरम’ प्रस्तुत किया जाएगा। नई गाइडलाइंस में यह भी कहा गया है कि ‘वंदे मातरम’ के गायन या वादन के दौरान उपस्थित लोगों को सम्मानपूर्वक खड़ा होना होगा। हालांकि सिनेमा हॉल जैसे कुछ स्थानों को इससे अलग रखा गया है।

अब सभी 6 अंतरे होंगे आधिकारिक

केंद्र सरकार ने ‘वंदे मातरम’ के छहों अंतरों को आधिकारिक रूप से मान्यता देने का फैसला भी किया है। अभी तक सरकारी कार्यक्रमों में आमतौर पर केवल पहले दो अंतरे गाए जाते थे। नई व्यवस्था में 3 मिनट 10 सेकंड की अवधि वाला पूरा संस्करण कई सरकारी आयोजनों में अनिवार्य किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य राष्ट्रगीत के ऐतिहासिक महत्व और स्वतंत्रता आंदोलन में उसकी भूमिका को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।

बंगाल जीत के बाद पहली कैबिनेट बैठक में फैसला

यह फैसला पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की बड़ी जीत के बाद हुई पहली कैबिनेट बैठक में लिया गया। बैठक में मंत्रियों ने चुनावी सफलता पर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई भी दी। राजनीतिक रूप से भी इस फैसले को काफी अहम माना जा रहा है।

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