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Uddhav Offers To Quit Sena Post

शिवसेना में अंदरूनी हलचल के बीच उद्धव का बड़ा दांव, कहा- चाहो तो पद छोड़ दूंगा

शिवसेना (यूबीटी) में उठ रहे सवालों और राजनीतिक चुनौतियों के बीच उद्धव ठाकरे ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर कार्यकर्ताओं को लगता है कि वह उपयुक्त नहीं हैं तो पार्टी प्रमुख का पद छोड़ने को तै


शिवसेना में अंदरूनी हलचल के बीच उद्धव का बड़ा दांव कहा- चाहो तो पद छोड़ दूंगा

UBT Breaking News |

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी कार्यकर्ताओं के सामने ऐसा बयान दिया है, जिसने संगठन के भीतर चल रही चर्चाओं को नया मोड़ दे दिया है। उन्होंने साफ कहा कि यदि पार्टी को लगता है कि कोई दूसरा नेता संगठन का नेतृत्व बेहतर तरीके से कर सकता है, तो वह पद छोड़ने के लिए तैयार हैं।

यह बयान ऐसे समय आया है जब शिवसेना में टूट, नेतृत्व और भविष्य की रणनीति को लेकर लगातार राजनीतिक बहस जारी है। ऐसे में उद्धव ठाकरे का यह संदेश सिर्फ संगठन के भीतर ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति के लिए भी अहम माना जा रहा है।

नेतृत्व पर सवालों के बीच भावनात्मक संदेश

पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि उनका मकसद किसी पद से चिपके रहना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कार्यकर्ता और नेता किसी अन्य चेहरे को पार्टी प्रमुख के रूप में देखना चाहते हैं तो वह जिम्मेदारी सौंपने के लिए तैयार हैं। हालांकि उन्होंने यह भी दोहराया कि संघर्ष के रास्ते से पीछे हटने का सवाल नहीं उठता।

टूट के बाद भी नहीं बदला रुख

अपने संबोधन में उद्धव ठाकरे ने संकेत दिया कि पार्टी विभाजन और राजनीतिक झटकों के बावजूद उनका मनोबल कमजोर नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को उम्मीद थी कि हालात से वह टूट जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने संगठन के कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने और राजनीतिक लड़ाई जारी रखने की अपील की।

'ऑपरेशन तोड़वा' पर साधा निशाना

उद्धव ने बिना नाम लिए विरोधियों पर हमला बोला और कहा कि राजनीतिक दलों को तोड़ने की कोशिशें लोकतांत्रिक राजनीति के लिए अच्छी नहीं हैं। उन्होंने शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे का जिक्र करते हुए कहा कि विश्वासघात का जवाब राजनीतिक तरीके से दिया जाना चाहिए। यह बयान मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और शिंदे गुट से अलगाव की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कांग्रेस गठबंधन पर भी दिया जवाब

महाविकास अघाड़ी को लेकर उठते सवालों पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि भाजपा के साथ तीन दशक तक रहने के बावजूद शिवसेना का विलय नहीं हुआ, इसलिए कांग्रेस में विलय की बातें निराधार हैं। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन राजनीति को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।

भाजपा पर बोला बड़ा हमला

उद्धव ठाकरे ने भाजपा को भी निशाने पर लिया। उनका कहना था कि शिवसेना के समर्थन ने भाजपा को महाराष्ट्र में मजबूती दी थी। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के साथ वैचारिक मतभेद जरूर रहे, लेकिन कांग्रेस ने कभी उनकी पार्टी या 'मातोश्री' का अपमान नहीं किया। इस टिप्पणी को आगामी राजनीतिक समीकरणों के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है।

उद्धव ठाकरे का यह बयान केवल पद छोड़ने की पेशकश नहीं, बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए एक राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा है। इससे साफ है कि वह संगठन के भीतर अपनी स्वीकार्यता और एकजुटता को सार्वजनिक रूप से परखने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा लगातार जारी है।

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