मानसून की धीमी गति के कारण भारत के 19 राज्यों में बारिश की कमी हुई है। यूपी, एमपी समेत 7 राज्यों में तापमान 40°C से अधिक दर्ज किया गया।
देशभर में मानसून की प्रगति फिलहाल धीमी पड़ गई है। केरल में 4 जून को दस्तक देने के बाद मानसून 19 राज्यों तक पहुंच चुका है, लेकिन पिछले पांच दिनों से इसकी गति थम गई है। उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा के आसपास मानसून अटका हुआ है, जबकि कई राज्यों में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। दूसरी ओर, प्री-मानसून गतिविधियों के बावजूद उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और राजस्थान समेत कई राज्यों में गर्मी का असर बरकरार है।
18 जून तक देश में 41% कम बारिश
मौसम संबंधी आंकड़ों के अनुसार 4 जून से 18 जून के बीच देश में सामान्य से 41 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। लगातार तीसरे वर्ष जून महीने में मानसून ने लंबा ब्रेक लिया है। हालांकि पिछले दो वर्षों में शुरुआती देरी के बावजूद पूरे सीजन में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई थी।सबसे अधिक बारिश की कमी महाराष्ट्र और गुजरात में दर्ज की गई। महाराष्ट्र में सामान्य से 78 प्रतिशत और गुजरात में लगभग 79 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
कई राज्यों में 40 डिग्री से ऊपर पहुंचा तापमान
मानसून की धीमी रफ्तार का असर तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, महाराष्ट्र और ओडिशा के कई शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।देश का सर्वाधिक तापमान उत्तर प्रदेश के बांदा में 43.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी में 42.3 डिग्री, ओडिशा के बौध में 42.8 डिग्री, झारखंड के डाल्टनगंज में 42 डिग्री और मध्य प्रदेश के खजुराहो में 41.4 डिग्री तापमान दर्ज हुआ।
अल नीनो और जेट स्ट्रीम बनी चुनौती
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून की रफ्तार धीमी होने के पीछे कई वैश्विक और क्षेत्रीय कारण हैं। अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय एवं वायुमंडलीय प्रशासन (NOAA) की रिपोर्ट के अनुसार इंटरट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जोन (ITCZ) अपेक्षित गति से सक्रिय नहीं हो पाया है।इसके साथ ही अल नीनो जैसी परिस्थितियां बनने के संकेत भी मिल रहे हैं। ऐसी स्थिति में कुछ क्षेत्रों में लंबे समय तक सूखे और असमान बारिश की संभावना बढ़ जाती है। उपग्रह आंकड़ों के अनुसार पूर्वी भारत में गरज-चमक की गतिविधियां सक्रिय हैं, जबकि पश्चिमी और मध्य भारत में बादलों का घनत्व अपेक्षाकृत कम बना हुआ है।
मध्य प्रदेश में 39% कम बारिश
मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री सामान्य समय से लगभग 9 से 10 दिन देरी से होने की संभावना है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार 1 जून से अब तक प्रदेश में सामान्य से 39 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। वर्तमान अनुमान के अनुसार 25 जून तक मानसून प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।
यूपी में एक सप्ताह और इंतजार
उत्तर प्रदेश में मानसून की चाल सबसे ज्यादा सुस्त बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून पिछले पांच दिनों से यूपी-बिहार सीमा के आसपास ठहरा हुआ है। प्रदेश में इसकी औपचारिक एंट्री में अभी लगभग एक सप्ताह का समय लग सकता है।
राजस्थान में 30 जिलों के लिए अलर्ट
राजस्थान में मौसम विभाग ने चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और झुंझुनूं समेत 30 से अधिक जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।