पटना में खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात रही कि सभी छात्र सुरक्षित बाहर निकल गए। घटना ऐसे समय हुई जब दो दिन पहले ही फायर ऑडिट में कई सुरक्षा कमियां सामने आई थीं।
पटना के मुसल्लहपुर इलाके में स्थित खान ग्लोबल स्टडीज में गुरुवार को अचानक धुआं उठने लगा। कुछ ही देर में छात्रों और कर्मचारियों के बीच हलचल मच गई। हालांकि समय रहते सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और बड़ा हादसा टल गया।
घटना ने इसलिए भी ध्यान खींचा क्योंकि इसी संस्थान में हाल ही में अग्निशमन विभाग ने सुरक्षा जांच की थी। निरीक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण कमियां सामने आई थीं और प्रबंधन को उन्हें दूर करने के लिए समय भी दिया गया था। ऐसे में अब सवाल सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर खड़े हो रहे हैं।
शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई परेशानी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कोचिंग परिसर के एक हिस्से में शॉर्ट सर्किट के बाद वायरिंग में आग लग गई। आग ज्यादा फैलने से पहले ही धुआं पूरे हिस्से में फैलने लगा। उस समय कई छात्र क्लास में मौजूद थे। फायर सेफ्टी सिस्टम सक्रिय होने और कर्मचारियों की तत्परता से स्थिति जल्द नियंत्रण में आ गई।
फायर ऑडिट की रिपोर्ट फिर चर्चा में
घटना से दो दिन पहले अग्निशमन विभाग ने पटना के कई कोचिंग संस्थानों का सुरक्षा ऑडिट किया था। खान ग्लोबल स्टडीज के निरीक्षण में भी कई कमियां दर्ज की गई थीं। अधिकारियों ने इलेक्ट्रिक पैनल के आसपास अनुचित व्यवस्था और स्प्रिंकलर जैसी आवश्यक सुविधाओं की कमी की ओर ध्यान दिलाया था। संस्थान को सुधार के लिए समय दिया गया था।
सिर्फ एक संस्थान नहीं, पूरे इलाके में मिली थीं खामियां
मुसल्लहपुर क्षेत्र के दर्जनों कोचिंग संस्थानों की जांच के दौरान लगभग हर जगह किसी न किसी स्तर पर सुरक्षा संबंधी खामियां मिली थीं। फायर अलार्म सिस्टम, आपातकालीन निकास, स्प्रिंकलर और पानी की उपलब्धता जैसे बुनियादी इंतजाम कई जगह अधूरे पाए गए थे। इससे हजारों छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।
छात्रों की सुरक्षा बना बड़ा मुद्दा
पटना में बड़ी संख्या में छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग संस्थानों पर निर्भर हैं। ऐसे में किसी भी संस्थान में आग जैसी घटना केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि सुरक्षा प्रबंधन की परीक्षा बन जाती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि नियमित ऑडिट के साथ-साथ कमियों को समय पर दूर करना भी उतना ही जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका न रहे।
अधिकारियों की निगरानी पर भी नजर
अग्निशमन विभाग पहले ही संबंधित संस्थानों को आवश्यक सुधार करने की हिदायत दे चुका है। अब इस घटना के बाद यह देखने वाली बात होगी कि सुरक्षा मानकों को लेकर आगे कितनी सख्ती दिखाई जाती है और जिन कमियों की पहचान हो चुकी थी, उन्हें कितनी तेजी से दूर किया जाता है।