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Ketan Aggarwal Murder Case

सगाई के चार महीने बाद मौत, पुलिस पूछताछ में खुला केतन हत्याकांड का पूरा राज

पुणे के लोहागढ़ किले पर केतन अग्रवाल की मौत को पहले हादसा माना गया। लेकिन जांच में सामने आई साजिश ने पूरे मामले को हत्याकांड में बदल दिया। जानिए पुलिस पूछताछ में क्या खुलासे हुए।


सगाई के चार महीने बाद मौत पुलिस पूछताछ में खुला केतन हत्याकांड का पूरा राज

ketan Death New Update |

एक खुशहाल सगाई, शादी की तैयारियां और भविष्य के सपने। बाहर से सब कुछ सामान्य दिख रहा था। लेकिन रिश्ते की सतह के नीचे एक ऐसी कहानी चल रही थी। इसने आखिरकार एक युवा कारोबारी की जान ले ली। पुणे के लोहागढ़ किले में हुई मौत अब सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कथित तौर पर पहले से रची गई साजिश के रूप में सामने आ रही है।

पुलिस जांच के केंद्र में सिया गोयल और उसका कथित प्रेमी चेतन चौधरी हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार दोनों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि सिया केतन अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी। इसी वजह से कथित तौर पर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई और लोहागढ़ किले की ट्रिप को इस साजिश का हिस्सा बनाया गया।

ट्रेकिंग ट्रिप पर बदली कहानी

केतन अग्रवाल और सिया गोयल की सगाई इसी वर्ष फरवरी में हुई थी। परिवार की सहमति से तय हुए इस रिश्ते में दोनों अक्सर साथ घूमने जाते थे। ट्रेकिंग का शौक होने के कारण वे पुणे के लोहागढ़ किले पहुंचे थे। शुरुआती जानकारी में केतन का 400 फीट गहरी खाई में गिरना हादसा माना गया, लेकिन बाद की जांच ने मामले की दिशा बदल दी।

प्रेम संबंध बना हत्या की वजह

सूत्रों के मुताबिक पुलिस पूछताछ में सामने आया कि सिया और चेतन पिछले करीब तीन वर्षों से संपर्क में थे। दोनों लगातार बातचीत करते थे और कथित तौर पर शादी के बाद अपने संबंधों पर असर पड़ने की आशंका से परेशान थे। जांच में यही पहलू हत्या के संभावित मकसद के रूप में सामने आया है। पुलिस अब दोनों के डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य सबूतों को केस से जोड़ रही है।

सोशल मीडिया से नहीं हुआ शक

घटना के बाद सिया ने सोशल मीडिया पर शोक जताते हुए पोस्ट साझा की थी। उसने केतन की मौत पर दुख व्यक्त किया, जिससे परिवार और परिचितों को शुरुआती दौर में कोई संदेह नहीं हुआ। यही वजह रही कि लंबे समय तक घटना को एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना समझा जाता रहा।

बहन के सवालों से खुली परतें

मामले में मोड़ तब आया जब अंतिम संस्कार के बाद सिया केतन के घर पहुंची। परिवार के अनुसार बातचीत के दौरान केतन की बहन ने उससे कई सवाल पूछे। जवाबों में कथित विरोधाभास ने संदेह पैदा किया। इसके बाद परिवार ने पुलिस से दोबारा जांच की मांग की। जांच एजेंसियों ने मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल शुरू की, जिससे मामला गहराता चला गया।

जांच के अगले चरण पर नजर

फिलहाल पुलिस कथित साजिश के हर पहलू को जोड़ने में जुटी है। डिजिटल सबूत, दोनों आरोपियों के बयान और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों का मिलान किया जा रहा है। यह मामला केवल एक हत्या की जांच नहीं रह गया है, बल्कि यह भी दिखाता है कि गंभीर अपराधों में तकनीकी जांच और परिवार की सतर्कता किस तरह अहम भूमिका निभा सकती है। आने वाले दिनों में अदालत में पेश होने वाले सबूत तय करेंगे कि अभियोजन पक्ष इस कथित साजिश को किस मजबूती से साबित कर पाता है।

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