जून 2026 को भारत में पिछले 126 वर्षों का दूसरा सबसे सूखा महीना दर्ज किया गया है। देशभर में सामान्य से 42% कम बारिश हुई, जिसका असर खेती और जल स्तर पर पड़ा है।
देशभर में मानसून की रफ्तार थमी, जून बना रिकॉर्ड सूखा
देश में मानसून सीजन के बीच जून 2026 पिछले 126 वर्षों के इतिहास का दूसरा सबसे सूखा जून बनता दिख रहा है। 21 जून तक देशभर में केवल 57.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 42.2% कम है। इससे पहले वर्ष 2009 में जून महीने में सामान्य से 49% कम बारिश रिकॉर्ड हुई थी।बारिश की कमी का असर खेती-किसानी पर भी दिखाई देने लगा है। कई राज्यों में खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हुई है, जबकि मध्य और उत्तर भारत के कई हिस्सों में गर्मी और लू का प्रकोप जारी है।
दो सप्ताह की रुकावट के बाद आगे बढ़ सकता है मानसून
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए मौसमीय सिस्टम के कारण मानसून को नई गति मिलने की संभावना है। यह सिस्टम मानसून को छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों की ओर आगे बढ़ाने में मदद करेगा।महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ में मानसून के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने लगी हैं।
मेघालय में रिकॉर्ड बारिश, राजस्थान में गिरे ओले
जहां देश के अधिकांश हिस्से बारिश की कमी झेल रहे हैं, वहीं मेघालय के खासी हिल्स जिले के मॉसिनराम में 24 घंटे के दौरान 530 मिमी बारिश दर्ज की गई। यह मात्रा राजस्थान के कई शुष्क क्षेत्रों में छह महीने में होने वाली कुल बारिश के बराबर बताई जा रही है।दूसरी ओर राजस्थान के श्रीगंगानगर में रविवार को ओलावृष्टि हुई। जयपुर और चूरू में करीब एक इंच तक वर्षा दर्ज की गई।
एमपी और यूपी में हीटवेव का खतरा
मध्य प्रदेश के जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, उमरिया और डिंडौरी जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में मानसून की एंट्री अब 25 जून के बाद होने की संभावना जताई गई है।उत्तर प्रदेश के 38 जिलों में भी लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। प्रयागराज में तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस और वाराणसी में 42.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
विदर्भ में रात में भी चल रही लू
महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के 8 जिलों में दिन के साथ-साथ रात में भी गर्म हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग ने यहां "नाइट हीटवेव" की चेतावनी जारी की है।बांदा लगातार दूसरे दिन देश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मानसून की देरी से खेती पर असर
बुआई में गिरावट
12 जून तक खरीफ फसलों की बुआई 3.9 प्रतिशत घटकर 84.6 लाख हेक्टेयर रही।
दाल और कपास प्रभावित
दालों का रकबा 43.2 प्रतिशत और कपास का क्षेत्र 28 प्रतिशत कम हुआ है।
धान की बुआई में बढ़त
धान की बुआई में 28.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
जलाशयों में राहत
देश के प्रमुख जलाशयों में जल भंडारण क्षमता का 28.3 प्रतिशत पानी मौजूद है, जो पिछले 10 वर्षों के औसत से लगभग 16 प्रतिशत अधिक है।