मौसम विभाग के अनुसार, 23 जून को छत्तीसगढ़ की ओर मानसून तेजी से बढ़ सकता है। बिजली गिरने से विभिन्न राज्यों में 16 लोगों की मृत्यु हो गई।
दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति फिलहाल धीमी बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून 8 जून से तेलंगाना क्षेत्र में रुका हुआ है, लेकिन अब इसके आगे बढ़ने के लिए आवश्यक मौसमीय सिस्टम सक्रिय हो चुके हैं। अनुमान है कि 23 जून के आसपास मानसून छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ सकता है और इसके बाद मध्य भारत के अन्य हिस्सों में भी इसकी रफ्तार तेज हो सकती है।अब तक मानसून देश के 19 राज्यों तक पहुंच चुका है, लेकिन उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्से अभी भी इसके इंतजार में हैं।
बिजली गिरने और खराब मौसम से 16 लोगों की मौत
देश के कई राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियों के बीच आकाशीय बिजली कहर बनकर टूटी है।
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बिहार में बिजली गिरने से 5 लोगों की मौत हुई।
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झारखंड में पिछले 24 घंटे में 8 लोगों की जान गई।
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मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में बिजली गिरने से काका-भतीजे की मौत हो गई।
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विभिन्न राज्यों को मिलाकर कुल 16 मौतों की सूचना है।
झारखंड के हजारीबाग जिले में सबसे अधिक 3 लोगों की मौत हुई, जबकि मृतकों में महिलाएं और एक दो वर्षीय बच्चा भी शामिल है।
नेपाल की बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा
नेपाल में हो रही लगातार भारी बारिश का असर बिहार के सीमावर्ती इलाकों में दिखाई देने लगा है। किशनगंज जिले में कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई है और प्रशासन ने बाढ़ की आशंका को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है।
कई राज्यों में मानसून का इंतजार, गर्मी बरकरार
मानसून की धीमी गति के कारण मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और तेलंगाना के कई हिस्सों में गर्मी का असर बना हुआ है।
अल नीनो की आहट, बारिश के पैटर्न पर असर संभव
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रशांत महासागर में अल नीनो जैसी परिस्थितियां बनने लगी हैं। यदि यह मजबूत होता है तो भारत में बारिश का वितरण असमान हो सकता है और कुछ क्षेत्रों में सामान्य से कम वर्षा देखने को मिल सकती है।उपग्रह आंकड़ों के मुताबिक पूर्वी भारत में गरज-चमक वाली गतिविधियां सक्रिय हैं, जबकि मध्य और पश्चिम भारत में बादलों का घनत्व अपेक्षाकृत कम है।
जेट स्ट्रीम कमजोर पड़ने पर बढ़ेगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार ऊपरी वायुमंडल में बहने वाली तेज हवाएं यानी जेट स्ट्रीम फिलहाल मानसून की प्रगति को प्रभावित कर रही हैं। जैसे ही इसका मौजूदा पैटर्न कमजोर होगा, मानसूनी हवाएं मजबूत होंगी और अगले 4-5 दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ समेत कई क्षेत्रों में मानसून तेजी से आगे बढ़ सकता है।
मध्य प्रदेश में 25 जून तक मानसून की एंट्री का अनुमान
मध्य प्रदेश में मानसून सामान्य तिथि से 8 से 10 दिन देरी से पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने 25 जून तक प्रदेश में मानसून के प्रवेश की संभावना जताई है। तब तक प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी।शनिवार को भोपाल, इंदौर समेत 38 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।