NEET-UG पुनर्परीक्षा से पहले NTA ने सख्त गाइडलाइन जारी की हैं। 1:30 बजे के बाद एंट्री बंद होगी, हाई-टेक सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी और ड्रेस कोड से लेकर प्रतिबंधित सामान तक कई नियमों का पालन करना अनि
NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों के बाद हो रही इस परीक्षा पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। यही वजह है कि इस बार सुरक्षा और निगरानी का स्तर पहले के मुकाबले काफी बढ़ा दिया गया है। 21 जून को होने वाली परीक्षा के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और राज्य प्रशासन संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं।
परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, हाई-टेक जैमर और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना को खत्म किया जा सके। लाखों अभ्यर्थियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि निर्धारित समय के बाद किसी भी परिस्थिति में परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा। इसलिए समय प्रबंधन इस परीक्षा का पहला नियम बन गया है।
1:30 बजे के बाद बंद हो जाएंगे गेट
परीक्षा दोपहर 2 बजे से शुरू होकर शाम 5:15 बजे तक चलेगी, लेकिन केंद्रों पर प्रवेश सुबह 11 बजे से शुरू हो जाएगा। दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी उम्मीदवार को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अभ्यर्थियों को बायोमेट्रिक सत्यापन, पहचान जांच और फ्रिस्किंग प्रक्रिया से गुजरना होगा, इसलिए समय से पहले पहुंचना बेहद जरूरी माना जा रहा है।
इस बार सुरक्षा घेरे में रहेंगे परीक्षा केंद्र
परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए कई शहरों में केंद्रों को हाई-सिक्योरिटी जोन में बदला गया है। कुछ राज्यों में सीआरपीएफ, सीआईएसएफ और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से सुरक्षा संभाल रही हैं। प्रश्नपत्रों और ओएमआर शीट्स की आवाजाही भी विशेष सुरक्षा निगरानी में होगी। कई केंद्रों के आसपास परीक्षा शुरू होने से पहले ही साइबर कैफे और संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाने की तैयारी की गई है।
ड्रेस कोड और सामान को लेकर सख्ती
NTA ने स्पष्ट कर दिया है कि अभ्यर्थियों को हल्के और साधारण कपड़े पहनकर आना होगा। भारी जेब, बड़े बटन, फुल स्लीव कपड़े और धातु वाले परिधान चेकिंग में परेशानी पैदा कर सकते हैं। जूते पहनकर आने वालों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए साधारण चप्पल या सैंडल पहनने की सलाह दी गई है। छात्राओं को आभूषण और किसी भी धातु की वस्तु घर पर छोड़ने को कहा गया है।
मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पूरी तरह प्रतिबंधित
मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, ईयरफोन, हेल्थ बैंड और किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। महत्वपूर्ण बात यह है कि अधिकांश केंद्रों पर इन सामानों को रखने की व्यवस्था भी नहीं होगी। ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे इन्हें घर पर ही छोड़कर आएं।
ओरिजिनल आईडी और पारदर्शी बोतल जरूरी
परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे मूल पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा। किसी दस्तावेज की फोटोकॉपी या मोबाइल में सेव तस्वीर स्वीकार नहीं की जाएगी। वहीं गर्मी को देखते हुए पारदर्शी पानी की बोतल ले जाने की अनुमति दी गई है, लेकिन उस पर किसी तरह का लेबल या स्टिकर नहीं होना चाहिए।
डायबिटिक छात्रों को मिली विशेष सुविधा
NTA ने स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डायबिटीज से पीड़ित छात्रों को विशेष छूट दी है। ऐसे अभ्यर्थी डॉक्टर के प्रमाण पत्र के साथ जरूरी दवाएं और सीमित मात्रा में फल परीक्षा केंद्र के अंदर ले जा सकेंगे। हालांकि पैकेज्ड फूड या अन्य खाद्य पदार्थों की अनुमति नहीं होगी।
राज्यों में भी अलर्ट मोड पर प्रशासन
उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में परीक्षा को लेकर अलग-अलग स्तर पर सुरक्षा तैयारियां की गई हैं। कई शहरों में मॉक ड्रिल कर व्यवस्थाओं की जांच की गई है। कुछ स्थानों पर ट्रैफिक प्लान बदले गए हैं तो कहीं परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेन और बस सेवाओं का इंतजाम किया गया है। प्रशासन का फोकस इस बार केवल सुरक्षा ही नहीं बल्कि अभ्यर्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने पर भी है।
इस बार की NEET-UG पुनर्परीक्षा केवल एक प्रवेश परीक्षा नहीं बल्कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता की भी परीक्षा मानी जा रही है। ऐसे में उम्मीदवारों के लिए जरूरी है कि वे सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें और अंतिम समय की किसी परेशानी से बचने के लिए समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें।