निफ्टी 24,000 के अहम स्तर के करीब बंद हुआ, लेकिन रेजिस्टेंस पार नहीं कर सका। एक्सपर्ट्स का मानना है कि चार्ट पर बने संकेत तेजी की संभावना दिखा रहे हैं। जानिए बुधवार के लिए क्या है बाजार का संकेत।
घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। इसी माहौल में सेंसेक्स 544 अंक चढ़कर 76809 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 135.25 अंक की बढ़त के साथ 23989 के स्तर पर पहुंच गया।
हालांकि बाजार में खरीदारी का माहौल बना रहा, लेकिन निफ्टी 24,000 के अहम स्तर को निर्णायक रूप से पार नहीं कर सका। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि बुधवार को यह रुकावट टूटेगी या बाजार फिर सीमित दायरे में रहेगा। तकनीकी संकेत फिलहाल तेजी के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं, लेकिन अगले कुछ सत्रों में प्रमुख रेजिस्टेंस जोन का व्यवहार दिशा तय कर सकता है।
बाजार 24000 के पास फिर अटका
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी के अनुसार मंगलवार को बाजार का रुख सकारात्मक रहा, लेकिन 24000 से 24100 के दायरे में मौजूद तत्काल रेजिस्टेंस के कारण निफ्टी आगे नहीं बढ़ सका। पूरे कारोबार के दौरान इंडेक्स सीमित दायरे में घूमता रहा, फिर भी बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहा। उनका मानना है कि यदि निफ्टी 24000-24100 के ऊपर टिकने में कामयाब रहता है तो आने वाले दिनों में 24,500 तक की तेजी देखने को मिल सकती है। फिलहाल 23800 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है।
चार्ट पर दिखे मजबूती के संकेत
मंगलवार के कारोबार के बाद डेली चार्ट पर एक सकारात्मक कैंडल बनी है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि सोमवार को बना अपसाइड गैप अभी भी बरकरार है और यह तेजी के संकेतों को मजबूत करता है। तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक यह संरचना बुलिश ब्रेकअवे गैप जैसी दिखाई देती है, जो अक्सर बाजार में बड़े रिवर्सल के दौरान देखने को मिलती है। इसी वजह से निकट अवधि का ट्रेंड अभी भी सकारात्मक माना जा रहा है।
सेक्टोरल तेजी ने बढ़ाया भरोसा
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर के मुताबिक अमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीद और तेल की कीमतों में गिरावट ने घरेलू बाजार को सहारा दिया। आईटी, रियल्टी, एफएमसीजी और ऑयल एंड गैस सेक्टर में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। हालांकि धातु क्षेत्र के शेयर दबाव में रहे। वैश्विक स्तर पर धातुओं की कीमतों में गिरावट और सप्लाई को लेकर चिंताओं में कमी का असर इस सेक्टर पर दिखाई दिया। निवेशक अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली नीति बैठक पर नजर बनाए हुए हैं।
निफ्टी 50-DEMA के ऊपर बना हुआ है
सैमको सिक्योरिटीज के डेरिवेटिव्स रिसर्च एनालिस्ट धूपेश धमेजा के अनुसार निफ्टी लगातार दूसरे सत्र में रिकवरी दर्ज करने में सफल रहा है। इंडेक्स अपने 50-DEMA के ऊपर बना हुआ है, जो शॉर्ट टर्म ट्रेंड में मजबूती का संकेत देता है। उन्होंने बताया कि 23,050-23,200 के सपोर्ट जोन से हुई वापसी के बाद बाजार की संरचना में सुधार आया है। साथ ही चार्ट पर 'हायर लो' बनने का पैटर्न भी निवेशकों की बढ़ती भागीदारी की ओर इशारा कर रहा है।
डेरिवेटिव्स डेटा क्या बता रहा
ऑप्शन डेटा में 23900 और 23800 स्ट्राइक पर मजबूत पुट ओपन इंटरेस्ट मौजूद है। इससे इन स्तरों पर मजबूत सपोर्ट का संकेत मिलता है। दूसरी तरफ 24000 का स्तर फिलहाल बाजार के लिए सबसे बड़ा मुकाबले का क्षेत्र बना हुआ है। 24500 स्ट्राइक पर भारी कॉल ओपन इंटरेस्ट मौजूद है, जो आगे चलकर प्रमुख रेजिस्टेंस के रूप में काम कर सकता है। वहीं, पीसीआर 1.04 पर है, जो बाजार में संतुलित लेकिन हल्का सकारात्मक रुख दर्शाता है।
वोलैटिलिटी घटी, भरोसा बढ़ा
इंडिया VIX में करीब 6.90 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 13.36 के स्तर पर आ गया। कम होती वोलैटिलिटी को आमतौर पर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है, क्योंकि इससे जोखिम लेने की क्षमता बढ़ती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक निफ्टी 23850-23800 के ऊपर बना रहता है। तब तक बाजार का रुझान सकारात्मक रह सकता है। वहीं, 24050 के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट मिलने पर 24250 से 24500 तक की नई तेजी देखने को मिल सकती है।
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