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Nifty 24500 Market Outlook

शेयर बाजार की चाल तय करेंगे 5 बड़े फैक्टर, क्या 24,500 के पार निकलेगा निफ्टी?

नए कारोबारी हफ्ते में निफ्टी की दिशा विदेशी निवेश, अमेरिका-ईरान वार्ता, आईटी शेयरों की चाल और टेक्निकल संकेत तय करेंगे। जानिए बाजार के लिए कौन से 5 फैक्टर सबसे अहम हैं।


शेयर बाजार की चाल तय करेंगे 5 बड़े फैक्टर क्या 24500 के पार निकलेगा निफ्टी

business prediction News |

22 जून से शुरू होने वाला कारोबारी हफ्ता शेयर बाजार के लिए कई अहम संकेत लेकर आ रहा है। मुहर्रम की छुट्टी के कारण इस बार बाजार में केवल चार दिन कारोबार होगा, लेकिन वैश्विक घटनाक्रम और निवेशकों की गतिविधियां उतार-चढ़ाव को बढ़ा सकती हैं। सबसे ज्यादा नजर अमेरिका-ईरान वार्ता, विदेशी निवेशकों की वापसी और निफ्टी के अहम तकनीकी स्तरों पर रहेगी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ दिन यह तय कर सकते हैं कि निफ्टी 24,500 के स्तर की ओर बढ़ेगा या फिर मुनाफावसूली का दबाव हावी रहेगा।

अमेरिका-ईरान वार्ता पर टिकी बाजार की नजर

मिडिल ईस्ट में जारी घटनाक्रम वैश्विक बाजारों के लिए बड़ा जोखिम बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता शुरू हो चुकी है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता अभी खत्म नहीं हुई है। दुनिया के तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। ऐसे में किसी भी नए घटनाक्रम का असर कच्चे तेल की कीमतों और भारतीय बाजार की धारणा पर सीधे पड़ सकता है। अगर वार्ता सकारात्मक दिशा में बढ़ती है तो निवेशकों का भरोसा मजबूत हो सकता है। वहीं तनाव बढ़ने की स्थिति में बाजार में अस्थिरता लौट सकती है।

आईटी सेक्टर की कमजोरी बढ़ा सकती है दबाव

पिछले कारोबारी सत्र में आईटी शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली थी। अमेरिकी बाजार से मिले कमजोर संकेतों और वैश्विक मांग को लेकर बढ़ती चिंताओं ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अगले कुछ दिनों में आईटी इंडेक्स अपने प्रमुख तकनीकी स्तरों के ऊपर लौटने में सफल नहीं होता तो सेक्टर में दबाव जारी रह सकता है। इसका असर निफ्टी की समग्र चाल पर भी देखने को मिलेगा क्योंकि बड़े आईटी शेयर इंडेक्स में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रखते हैं।

विदेशी निवेशकों की वापसी से बढ़ा भरोसा

कई हफ्तों की बिकवाली के बाद विदेशी संस्थागत निवेशकों की वापसी बाजार के लिए राहत की खबर है। हालिया कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में शुद्ध खरीदारी की है। घरेलू संस्थागत निवेशकों का समर्थन भी लगातार बना हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि विदेशी फंड का यह रुझान जारी रहता है तो बाजार को ऊपर की तरफ बढ़ने के लिए मजबूत आधार मिल सकता है। खासतौर पर बड़े शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने के संकेत मिल सकते हैं।

रुपए की स्थिरता भी बनेगी सहारा

हाल के दिनों में डॉलर के मुकाबले रुपए में अपेक्षाकृत स्थिरता देखने को मिली है। इससे विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और आयात लागत को लेकर चिंताएं भी कुछ कम हुई हैं। मुद्रा बाजार में स्थिरता बनी रहती है तो बैंकिंग, ऑटो और आयात आधारित सेक्टरों को फायदा मिल सकता है। हालांकि वैश्विक तनाव बढ़ने पर डॉलर की मांग फिर बढ़ सकती है, जिससे रुपया दबाव में आ सकता है।

24,500 पर टिकी बाजार की अगली परीक्षा

तकनीकी चार्ट के अनुसार निफ्टी अभी भी अपने प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है, जिससे लंबी अवधि का रुझान सकारात्मक माना जा रहा है। 23,850 से 23,800 का दायरा मजबूत सपोर्ट जोन माना जा रहा है। ऊपर की तरफ 24,150 से 24,200 का क्षेत्र पहली बड़ी बाधा रहेगा। यदि निफ्टी इस दायरे को मजबूती से पार कर लेता है तो 24,500 का स्तर अगला प्रमुख लक्ष्य बन सकता है। बाजार की दिशा अब काफी हद तक वैश्विक संकेतों और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता पर निर्भर करेगी।

 

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