ED ने अनिल अंबानी से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ मुंबई और हैदराबाद में कई ठिकानों पर तलाशी ली। मामला कथित बैंक धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग और FEMA जांच से जुड़ा बताया जा रहा है।
नई दिल्ली। उद्योगपति अनिल अंबानी से जुड़ी कंपनियों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई एक बार फिर चर्चा में है। शुक्रवार को एजेंसी ने रिलायंस समूह की कंपनी रिलायंस पावर लिमिटेड से जुड़े कुछ ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई मुंबई और हैदराबाद में की गई, जहां कंपनी और उससे जुड़े अधिकारियों के कई परिसरों को जांच के दायरे में लिया गया।
सूत्रों के मुताबिक ED की करीब 15 टीमें इस ऑपरेशन में लगी हुई हैं और लगभग 10 से 12 स्थानों पर एक साथ सर्च की जा रही है। जांच का संबंध कथित बैंक धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि इस बीच कंपनी की तरफ से एक अलग बयान भी सामने आया है, जिसने मामले को थोड़ा दिलचस्प बना दिया है।
छापेमारी में कंपनी ने दी सफाई
रिलायंस पावर लिमिटेड ने शेयर बाजारों को दी गई सूचना में कहा है कि कंपनी के किसी भी आधिकारिक दफ्तर या परिसर में ED की छापेमारी नहीं हुई है। कंपनी का कहना है कि उनकी जानकारी के अनुसार रिलायंस पावर के किसी कार्यालय में ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई। यानी एजेंसी जिन स्थानों की जांच कर रही है, वे संभवतः कंपनी से जुड़े अन्य संस्थान या संबंधित लोग हो सकते हैं। हालांकि ED ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
मनी लॉन्ड्रिंग और FEMA के तहत जांच
सूत्रों के अनुसार ED की यह कार्रवाई कथित बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत वित्तीय गड़बड़ियों की जांच से जुड़ी है।
अनिल अंबानी से हो चुकी है पूछताछ
इस मामले में 66 वर्षीय उद्योगपति अनिल अंबानी से ED पहले भी पूछताछ कर चुकी है। बताया जाता है कि एजेंसी ने उनसे मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून के तहत दो बार सवाल-जवाब किए थे। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कंपनियों के फंड्स का इस्तेमाल किस तरह किया गया और क्या उसमें किसी तरह की अनियमितता हुई।
पहले भी कुर्क हो चुका है आलीशान घर
इससे पहले ED ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCom) से जुड़े बैंक धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई की थी। एजेंसी ने मुंबई के पाली हिल स्थित अनिल अंबानी के लग्जरी घर ‘एबोड’ (Abode) को अस्थायी रूप से कुर्क किया था। बताया गया था कि इस संपत्ति की कीमत लगभग 3,716.83 करोड़ रुपये आंकी गई है।
CBI भी कर चुकी है छापेमारी
पिछले महीने के अंत में CBI ने भी इस मामले में कार्रवाई की थी। बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत के आधार पर एजेंसी ने अनिल अंबानी के आवास और रिलायंस कम्युनिकेशंस के कुछ दफ्तरों की तलाशी ली थी।
2,220 करोड़ रुपये के नुकसान का आरोप
CBI की FIR के अनुसार रिलायंस कम्युनिकेशंस ने बैंक ऑफ बड़ौदा को 2,220 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाया। आरोप है कि कर्ज के पैसों का गलत इस्तेमाल किया गया और फर्जी लेनदेन के जरिए रकम को इधर-उधर किया गया। साथ ही कंपनी के खातों में कथित तौर पर हेरफेर कर अनियमितताओं को छिपाने की कोशिश भी की गई।
रेड की कार्रवाई में आगे क्या हो सकता है?
फिलहाल ED की तलाशी जारी है और एजेंसी दस्तावेजों व डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उधर बाजार और कॉरपोरेट जगत की नजर भी इस जांच पर टिकी हुई है, क्योंकि मामला देश के बड़े कारोबारी समूहों में से एक से जुड़ा है।