दो-दो साल की बच्चियों को बना दिया परिवार का मुखिया

Update: 2026-01-09 06:48 GMT

एक परिवार एक आईडी योजना बनी मजाक, इस फैमिली आईडी से एक साथ मिल सकेगा सरकारी योजनाओं का लाभ

जन्म प्रमाण पत्र के विवाद अभी शांत नहीं हुए थे कि फैमिली आईडी में फर्जीवाड़े का नया मामला सामने आया है। जिम्मेदारों की सहमति से ग्राम पंचायतों में छोटे बच्चों को परिवार का मुखिया बना कर उनसे आवेदन कराया जा रहा है। पंचायत सचिव अपने टारगेट पूरे करने के लिए छोटे बच्चों को जोड़कर आईडी बनाने पर दबाव डाल रहे हैं। डलमऊ ब्लॉक में तो एक दो साल की बच्ची को परिवार का मुखिया बना कर आवेदन करा दिया गया है। यह आईडी आगे चलकर लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है क्योंकि इस बच्चे के नाम पर बनी आईडी में परिवार के अन्य सदस्य जुड़ नहीं पाएंगे। अन्य लोग तभी जुड़ सकेंगे जब यह बच्चा आवेदक होगा, जिससे वास्तविक परिवार इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएगा।

डलमऊ इलाके में 1 नवंबर 2023 को जन्मी जिया, जो कि दो साल की भी नहीं है, ने फैमिली आईडी के लिए आवेदन किया है। इसी तरह 2022 में जन्मी रिया, पांच साल की दिशा और सोनपरी जैसी अन्य बच्चियां भी इस योजना में मुखिया के रूप में आवेदन कर चुकी हैं।

क्या है यह योजना

जिले में लगभग 5 लाख 60 हजार राशन कार्ड प्रचलन में हैं। जिन परिवारों के पास राशन कार्ड नहीं है, उनके लिए सरकार ने एक नई पहल शुरू की है, जिसमें उन्हें एक नया पहचान पत्र – फैमिली आईडी – जारी किया जा रहा है। यह आईडी राशन कार्ड से वंचित परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए बनाई गई है।

फैमिली आईडी ऑनलाइन आधार कार्ड के OTP से लिंक होकर जेनरेट होगी। इसके बाद संबंधित तहसील और ब्लॉक के अधिकारी इसकी स्वीकृति देंगे। यह आईडी परिवारों को निःशुल्क प्रदान की जाएगी ताकि वे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे प्राप्त कर सकें।

विभाग का कहना

मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता ने कहा कि यदि फैमिली आईडी में बच्चों को मुखिया बनाया जा रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी और विभागीय अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।

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